छत्तीसगढ़

यात्रीगण कृपया ध्यान दें; बालोद-रायपुर तक सफर करने वाले हो जाएं सावधान… पत्थरबाजों ने किया लहूलुहान

बालोद।  भारतीय रेल को सर्वाधिक राजस्व देने वाला रायपुर अंतागढ़ रेल लाइन इन दोनों पत्थरबाजों की चपेट में है कारण है पर्याप्त रेलवे पुलिस बल का ना होना। ताजा मामला रायपुर से लौटते वक्त सिकोसा रेलवे स्टेशन के समीप हुआ, जहां उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले युवक को पत्थर बाजों का सामना करना पड़ा। उसे इतनी गंभीर चोट आई की देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।

लहूलुहान हालत में बालोद स्टेशन पहुंचने पर एंबुलेंस के माध्यम से उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दिया गया है वहीं बालोद शहर निवासी प्रत्यक्षदर्शी रमन जैन ने कहा कि आए दिन हमें रेलवे में सफर के दौरान पत्थर बाजों का सामना करना पड़ता है और पर्याप्त पुलिस बल न होने के कारण किसी तरह की कोई मदद नहीं हो पाती है। ऐसे पत्थर बाजों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

शासकीय रेलवे पुलिस बालोद के चौकी प्रभारी चैन सिंह नेतामने बताया कि, कल देर शाम पत्थर बाजी के घटना सामने आई थी। हमने घायल व्यक्ति को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल ले जाया और उसका इलाज कराया। उसे लिखित शिकायत दर्ज करने कहा गया था परंतु उसने मना कर दिया। वही जब प्रभारी से सुरक्षा उपायों के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि रेलवे चौकी में पहले पेट्रोलिंग का काम किया जाता था लेकिन उसे समय 12 स्टाफ मौजूद थे लेकिन वर्तमान में सक्षम अधिकारी भी नहीं है।  और रेलवे पुलिस के स्टाफ की कमी है।  वर्तमान में केवल तीन स्टाफ की कार्यरत हैं जिसके कारण पेट्रोलिंग कर पाना संभव नहीं है हम लगातार उच्च अधिकारियों से स्टाफ की पूर्ति के लिए पत्र व्यवहार कर रहे हैं।

कल रात हुई पत्थर बाजी की घटना बालोद रायपुर के बीच सिकोसा लाताबोड़ स्टेशन के बीच हुआ है, रेलवे में सफर करने वाले रमन जैन ने बताया कि जब भी हम रात की सफर करते हैं तब हमें पत्थर बाजों का डर बना रहता है और कई बार ऐसी घटनाएं होती है जब बैठे रहते हैं तब खिड़की पर जाली तो लगी हुई है लेकिन जब हम अत्यधिक भीड़ के कारण चढ़ने उतरने वाले जगह पर खड़े रहते हैं तब हमें इसका सामना करना पड़ता है। कल हुई पत्थर बाजी में भी मैं बाल बाल बच्चा हूं और लगातार हम प्रशासन से ही मांग करते आ रहे हैं कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए ताकि यात्रीगण सुरक्षित सफर कर सके।