छत्तीसगढ़

कोडीन कफ सिरप रैकेट पर ED की बड़ी कार्रवाई, तीन राज्यों के 25 ठिकानों पर छापेमारी

डेस्क। उत्तर प्रदेश में कोडीन आधारित कफ सिरप के अवैध उत्पादन, तस्करी और सीमापार सप्लाई से जुड़े बड़े रैकेट पर प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को सख्त कार्रवाई की। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के तहत उत्तर प्रदेश, झारखंड और गुजरात में कुल 25 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई।

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर और सहारनपुर के साथ ही रांची और अहमदाबाद में भी जारी है। मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। यूपी सरकार ने राज्य में कोडीन आधारित कफ सिरप के दुरुपयोग, अवैध निर्माण और तस्करी के बढ़ते मामलों पर संज्ञान लेने के बाद यह कार्रवाई तेज हुई।

ईडी अधिकारियों ने बताया कि, यूपी पुलिस द्वारा दर्ज लगभग 30 एफआईआर में इस नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ था। जांच में खुलासा हुआ कि कफ सिरप का बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से उत्पादन किया जा रहा था और इसकी सप्लाई न सिर्फ राज्य से बाहर बल्कि बांग्लादेश सीमा तक की जा रही थी।

जांच में सामने आया मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल देश छोड़कर दुबई भाग चुका है। उसके पिता को यूपी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा आलोक सिंह, अमित सिंह और अन्य सहयोगियों के ठिकानों पर भी छापेमारी चल रही है। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल के परिसरों पर भी कार्रवाई जारी है, जिन पर रैकेट के वित्तीय लेनदेन में शामिल होने का आरोप है।

ईडी के अनुसार, इस रैकेट में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का संदेह है, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए विभिन्न खातों और संस्थाओं में घुमाया गया। यूपी पुलिस अब तक इस मामले में 32 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और विशेष जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।