छत्तीसगढ़

दुर्ग संभाग की महिलाएं... पदयात्रा कर पहुंची सीएम हाउस... 13 जुलाई को शुरु की थी यात्रा

दुर्ग संभाग के अलग - अलग जिलों से लगभग 15 महिलाओं की टोली पैदल यात्रा करते हुए 16 जुलाई को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल से मिलने उनके भिलाई 3 निवास पहुँची थीं, जिन्हें मुख्यमंत्री निवास से कुछ दूरी पर बैरिकेड लगाकर रोक दिया गया। महिला पुलिस और पुलिस के जवान वहां तैनात थे। छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर सीएम भूपेश बघेल से मिलने पहुंची थीं, लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने निवास में नहीं थे।

महिलाओं को सीएम हाउस के बाहर रोका गया
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव सिर पर है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी को राज्य में पूर्ण शराबबंदी की याद दिलाने के लिए महिला समूह ने पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा में दुर्ग संभाग के अलग-अलग जिलों से 15 महिलाएं शामिल थीं। महिलाओं ने डोंगरगढ़ से माता रानी का आशीर्वाद लेकर 13 जुलाई को पदयात्रा की शुरुआत की थी। इस पदयात्रा का उद्देश्य कांग्रेस को उनके द्वारा किए गए चुनावी वादों में से एक मुद्दा शराबबंदी के वादे को याद दिलाना था। महिलाओं ने वहीं नारेबाजी कर शराबबंदी की मांग की, इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। 

 

अंतिम विधानसभा सत्र में शराबबंदी होने की है उम्मीद
इस पदयात्रा में शामिल दुर्ग जिले में रहने वाली लक्ष्मी साहू ने बताया कि वो लोग डोंगरगढ़ से पदयात्रा करके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास तक आए थे, लेकिन हमें उनसे मिलने नहीं दिया गया। हम लोग छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी चाहते हैं। भूपेश बघेल ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में जब उनकी सरकार आएगी तो राज्य में पूर्ण शराबबंदी करके मात्र शक्ति को तोहफा देंगे। 18 जुलाई को अंतिम बजट सत्र चालू होने जा रहा है। हम लोग यह मांग लेकर पदयात्रा किए कि मुख्यमंत्री अंतिम सत्र में पूर्ण शराब की घोषणा करें।