छत्तीसगढ़

कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल हैं बस्तर में तैनात... सीआरपीएफ के जवान... सिर पर कफन बांध कर रहे सर्चिंग

सुकमा। देश की सुरक्षा के लिए हमारी सेना के जवानों को हमने हाड़ कपाने वाली बर्फीली पहाड़ियों, आग उगलते आसमान के नीचे 50 से 52 डिग्री गर्मी में झूलसाती गर्मी के बीच अपने कर्तव्य के लिए तैनात जवानों को देखा है। दो राय नहीं कि हम अपने देश में सरहद पार दुश्मनों से बेखौफ होकर चैन की नींद सो पाते हैं, तो इसका श्रेय उन्हीं जवानों को जाता है, जिन्हें हर पल हमारा सेल्युट है। 
 
ऐसा ही एक नजारा छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिलता है। यहां बर्फ की वादियां नहीं है, शरीर को झूलसाने वाली गर्मी नहीं है, पर खौफनाक जंगल है। जहां कदम—कदम पर माओवादियों ने धरती के नीचे बारूद गाड़ रखा है, जहरीले सांपों का बसेरा है, तो खुंखार जानवरों के हमले का साया है। 
 
इन सबके बावजूद माओवादियों से प्रदेश की जनता को सुरक्षित रखने के लिए तैनात सीआरपीएफ के जवान अपनी कर्तव्यनिष्ठा से मुंह नहीं मोड़ते। इन दिनों प्रदेश में मानूसन सक्रिय है। खासतौर पर बस्तर संभाग, जहां लगातार बारिश हो रही है। नदी—नाले उफान पर हैं, जंगल घने हो चुके हैं, पग—पग पर मौत का साया मंडरा रहा है, फिर भी वे रोज सर्चिंग पर निकल रहे हैं। हर दिन मौत को चुनौती देते हुए आगे बढ़ रहे हैं। 
 

 
सीआरपीएफ 74 बटालियन के जवानों का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में सीआरपीएफ 74 बटालियन के जवान नक्सल प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। इस दौरान जवान बाढ़ प्रभावित नदी को पार करते दिखाई दे रहे हैं। सीआरपीएफ 74 बटालियन के सहायक कमांडेंट रवि कुमार मीना ने इस वीडियो के बारे में बताया कि जवान मानसून के दौरान भी बिना रुके बिना थके अपनी ड्यूटी दे रहे हैं।