अचानक बिलासपुर सेंट्रल जेल पहुंचे... चीफ जस्टिस सिन्हा... बंदियों से की बात, जेल अधीक्षक को दिए सख्त निर्देश
2023-07-29 04:38 PM
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने शनिवार को बिलासपुर केन्द्रीय जेल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान जेल स्थित पुरूष और महिला बंदीगृह दोनों का निरीक्षण किया। बंदियों से बातचीत करते हुए मूलभूत सुविधाओं व व्यवस्था जैसे कि स्वास्थ्य, इलाज, दवाईयाँ आदि की जानकारी ली। बंदियों से उनको दिये जाने वाले भोजन तथा साफ-सफाई का जानकारी भी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने विचाराधीन बंदियों से जानकारी ली कि वह किन-किन अपराधों में बंद है। महिला बंदीगृह का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने वहां की साफ-सफाई की प्रशंसा की।
चीफ जस्टिस ने बच्चों के साथ जेल में रहने वाली महिला बंदियों की एक सूची बनाने के निर्देश दिये। सीआरपीसी की धारा-432 के संबंध में कार्यवाही हेतु बंदियों की जानकारी भी ली गई। बच्चों के साथ जेल में रहने वाली महिला बंदियों से उनके बच्चों हेतु शिक्षा, खेलकूद व स्वास्थ्य संबंधी उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और उनमें आवश्यक सुधार करने हेतु निर्देशित किया।
चीफ जस्टिस सिन्हा ने जेल अधीक्षक से जेल की क्षमता तथा बंदियों की संख्या की जानकारी ली। उन्होनें बताया कि केन्द्रीय जेल बिलासपुर की क्षमता 2290 बदियों की है। वर्तमान में जेल में बंदियों की कुल संख्या 3153 है, जिसमें से पुरुष बंदियों की संख्या 2946 तथा महिला बंदियों की संख्या 207 है। इस पर उन्होंने छोटे अपराधों में बंद विचाराधीन बंदियों की एक सूची त्वरित बनाने जेल अधीक्षक, केन्द्रीय जेल, बिलासपुर को निर्देशित किया। मुख्य न्यायाधिपति ने केन्द्रीय जेल, बिलासपुर में कैदियों को मिलने वाली विधिक सेवा की जानकारी ली तथा उन्होंने निर्देशित किया कि बंदियों को विधि का वास्तविक ज्ञान सरल भाषा में दिया जाये ताकि भविष्य में उनके जीवन में सुधार आये तथा वे अपराध की ओर ना बढ़ें।