छत्तीसगढ़

हाईकोर्ट से 2,723 शिक्षकों को मिली बड़ी राहत.... कोर्ट ने शिक्षकों की पोस्टिंग बरकरार रखने का दिया आदेश

रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने शिक्षकों की पोस्टिंग निरस्त मामले में बड़ी राहत देते हुए 4 सितंबर के डेट से यथास्थिति रखने का आदेश दिया है। यानि सरकार ने जिन 2,723 शिक्षकों की पोस्टिंग निरस्त की थी, वे सभी अब उसी स्कूल में बने रहेंगे। हालांकि, 11 सितंबर को हाईकोर्ट ने यथास्थिति रखने का आदेश दिया था। इससे भ्रम की स्थिति बन गई थी कि शिक्षक किधर ज्वाईन करेंगे। मगर आज कोर्ट ने साफ कर दिया सरकार का जवाब आते तक सभी शिक्षक उसी स्कूल में बने रहेंगे।

शिक्षकों की पोस्टिंग घोटाले में कल हाई कोर्ट में सरकार की तरफ से कहा गया कि पोस्टिंग में गड़बड़झाले की वजह से स्कूलों की व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है। इसकी वजह से बड़ी संख्या में स्कूल या तो शिक्षक विहीन हो गए हैं या फिर एकल शिक्षकीय हो गए हैं। यदि इन अधिकारिता विहीन एवं नियम विपरित किये गये संशोधनों को निरस्त नहीं किया गया तो शिक्षा व्यवस्था पर पड़े हुए दुष्प्रभाव से उबरना विभाग के लिये असंभव होगा साथ ही शिक्षा विभाग में अनैतिक राजनैतिक हस्तक्षेप लगातार होता रहेगा और भ्रष्टाचार की प्रवृति को भी बढ़ावा मिलेगा। फलस्वरूप दूरस्थ एवं दुर्गम स्थानों में स्थापित शालाओं में शिक्षकों का पदांकन किया जाना असंभव होगा। इससे छत्तीसगढ़ के नवनिहालों का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा।

संभागीय आयुक्त की रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ है कि संभागीय संयुक्त संचालको द्वारा जारी गए संशोधन आदेश अधिकारिता विहीन एवं गैर कानूनी है। संभाग आयुक्तों की रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट हुआ है कि इन आदेशों के गैर कानूनी होने के साथ साथ राज्य में निम्नलिखित स्थिति भी उत्पन्न हुई है।