छत्तीसगढ़

नल-जल योजना का हाल बेहालः चंदा इकट्ठा कर ग्रामीण कर रहे हैं पेयजल की व्यवस्था

रायपुऱ। प्रदेश के लोगों को शुद्ध पेयजल मिले इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है और आम जनता के घरों तक पानी पहुंचाने के लिए नल जल योजना की शुरूआत की गई है। लेकिन प्रदेश के गरियाबंद क्षेत्र में इस योजना को लेकर घोर लापरवाही बरती जा रही है। जिसका खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

 जिला मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत छिंदौला के आश्रित ग्राम लोहार लारी में पिछले कई सालों से पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। गांव में हो रही पानी की समस्या को लेकर लगातार ग्रामवासी सरपंच से लेकर कलेक्टर तक से गुहार लगा-लगाकर थक गए, जब कोई सुनवाई नहीं हुई तब जाकर ग्रामीणों ने आपस में ही चंदा जमा कर गांव के कुछ जगहों पर लगे हुए नालों से पीने के पानी की व्यवस्था की।

वर्तमान में यहां के हालत ऐसे हैं कि, लगभग 300 की जनसंख्या वाले इस गांव में लगे सभी हैंडपंप या तो खराब पड़े हुए हैं या फिर उनमें से आयरन युक्त खराब पानी आ रहा है, जो पीने योग्य नहीं है. कुछ सालों पहले पीएचई विभाग के द्वारा नल-जल योजना के तहत लाखों रुपए खर्च कर गांव में पीने के पानी के लिए नल की व्यवस्था की गई थी. मगर कुछ समय के बाद केबल वायर जलने के चलते बंद हो गए थे।