निजी अस्पतालों में सेवा देने वाले सरकारी डाक्टरों की खैर नहीं... एक्शन में आए कलेक्टर
बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण ने स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने निजी प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टर को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि वह निजी प्रैक्टिस करना छोड़ दें, अन्यथा उनके विरोध बहुत जल्द कठोर कार्रवाई की जाएगी। एनपीए लेकर निजी अस्पतालों में सेवा देना शासकीय के साथ-साथ नैतिक रूप से भी उचित नहीं है।
शासकीय डॉक्टर के निजी प्रेक्टिस करने के भी नियम पूर्व निर्धारित हैं। ऐसे डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग में लिखित में आवेदन देना होता है। उन्हें अपने स्वयं के क्लीनिक अथवा घर ही में ऑफिस टाइम के बाद केवल 3 घंटे के लिए प्रैक्टिस करने का प्रावधान है । किसी भी हालत में निजी अस्पतालों में जाकर इलाज करना नहीं है। उन्होंने सीएमएचओ से ऐसे डॉक्टर की सूची मांगी है जो निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस के लिए जाते हैं। कलेक्टर ने कहा कि सरकार छोटे-बड़े सभी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है लेकिन इन सुविधाओं से ज्यादा डॉक्टर और कर्मचारियों की बीमार व्यक्ति के सेवा करने की मानसिकता ज्यादा जरूरी है ।
कलेक्टर अवनीश शरण ने निश्चय मित्र बनकर टीवी मरीजों की मदद के लिए 3000 रुपये का दान किया। इस राशि से किसी टीवी मरीज को 6 माह तक पोषण आहार दिया जाएगा। अस्पताल से दवाइयां उन्हें मुफ्त मिलेगी। नगर निगम के अधिकारी भी निश्चय मित्र बने और अंशदान किए। उन्होंने अन्य अधिकारियों, समाजसेवी, और जनप्रतिनिधियों को भी निश्चय मित्र बनने का आह्वान किया।