रायगढ़। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े उद्योगपति नवीन जिंदल के नाम पर एक धमकी भरा पत्र लिखा गया था। इस पत्र को लिखने वाले अपनी अभ्रदता का परिचय भी दिया था और मोटी रकम की मांग की थी। वहीं रकम नहीं मिलने की एवज में जान से मारने तक की धमकी दे डाली थी। तो साथ में उसने अपना परिचय एक कैदी के तौर पर दिया था। जिसे रायगढ़ पुलिस ने बिलासपुर सेंट्रल जेल से प्रोटक्शन वारंट के तहत रायगढ़ लाया और उसकी लिखावट की जांच की, जिसके बाद आरोपी ने खुद स्वीकार कर लिया कि नवीन जिंदल को चिट्ठी उसने ही लिखी थी।
मिल रही जानकारी के मुताबिक बिलासपुर सेंट्रल जेल में कैद रहते पुष्पेंद्र नाथ चौहान उर्फ मनीष उर्फ मनोज उर्फ बाबा निवासी दर्राभांठा थाना बाराद्वार जिला सक्ती ने जिंदल स्टील एंड पावर के चेयरमेन नवीन जिंदल को धमकी भरा पत्र महाप्रबंधक जिंदल स्टील प्लांट के नाम पर पोस्ट किया गया था। यह पत्र 18.01.2023 को कंपनी कार्यालय ने प्राप्त किया। दिनांक 23.01.2023 को कंपनी के महाप्रबंधक सुधीर राय ने थाना कोतरारोड़ में उक्त घटना को लेकर आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराया। पत्र लिखने वाले ने अंत में अपना हस्ताक्षर करते हुए कैदी संख्या 4563/97 केन्द्रीय जेल बिलासपुर लिखा हुआ है ।
घटना के संबंध में थाना कोतरारोड़ में आरोपी पर *धारा 384, 506 आईपीसी* के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण की विवेचना में जानकारी मिली कि आरोपी पुष्पेंद्र नाथ चौहान उर्फ मनीष उर्फ मनोज उर्फ बाबा को जिला जांजगीर चांपा के लूट, डकैती के अपराध में वर्ष 2015 में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश जांजगीर के न्यायालय से प्रकरण में दोषी पाते हुए 10 साल की सश्रम कारावास व अर्थदंड से दंडित किया गया है, जिसमें आरोपी सेंट्रल जेल में सजा भुगत रहा है।