शिवाजी की महाआरती के साथ मनाई गई रानी लक्ष्मीबाई की जयंती
2024-11-19 08:39 PM
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0- शिवाजी महाराज ने पलक झपकते ही खूंखार चीते को मार गिरायाः दीपक
0- शुचिता ने 'खूब लड़ी मर्दानी...' कविता पाठ कर जगाई देशप्रेम की भावना
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में प्रतिमाह 19 तारीख को होने वाली शिवाजी महाराज की महाआरती के साथ रानी लक्ष्मीबाई की जयंती मनाई गई। इस दौरान महाराष्ट्र मंडल की वरिष्ठ जन सेवा समिति के प्रभारी दीपक पात्रीकर ने शिवाजी महाराज की वीरता और साहस को नमन करते हुए उनके कुछ प्रसिद्ध प्रसंग पर चर्चा की।
पात्रीकर ने कहा कि जब पुणे के करीब नचनी गांव में एक खुंखार चीते का दहशत था। वह अचानक ही कहीं से हमला करता और जंगल में ओझल हो जाता था। कई लोगों की जान ले चुके चीते के आतंक से ग्रामीण काफी डरे- सहमे थे और अपनी समस्या लेकर शिवाजी महाराज के पास पहुंचे। शिवाजी महाराज ने ग्रामीणों की बातों को धैर्यपूर्वक सुना और उन्हें चीते के दहशत से मुक्त कराने का आश्वसन दिया। तत्पश्चात शिवाजी महाराज अपने सिपाहियों के साथ चीते को मारने के लिए तत्काल जंगल की ओर निकल पड़े। काफी खोजने के बाद जब चीता मिला, तो उनके सैनिक डर के पीछे हट गए और शिवाजी महाराज बिना डरे चीते पर टूट पड़े और पलक झपकते ही उसे मार गिराया। शिवाजी के इस साहस से गांव वाले बेहद खुश और निश्चिंत हुए।

युवा समिति की शुचिता देशमुख ने बताया कि बीते दिनों वे शिवाजी महाराज के जन्मस्थल रायगढ़ जिले के शिवनेरी किला देखने के लिए सपरिवार गईं थीं। उनकी यह यात्रा रोमांचक व अविस्मरणीय रही। ऊंची- ऊंची सीढ़ियों वाले मार्ग पर हर एक द्वार पर लगता कि अब पहुंच गए, जैसे ही द्वार पार करते, लगभग उतनी ही दुर्गम दूरी पर दूसरा द्वार नजर आता। ऐसे ही एक के बाद एक सात द्वार पार करने के बाद थककर चूर किले पर पहुंच पाए। शिवाजी महाराज की रोचक जानकारियां देते हुए शुचिता ने रानी लक्ष्मीबाई जयंती पर सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता पढ़कर कार्यक्रम में जोश भरा।
मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि वे झांसी की रानी के किले जा चुके हैं। उनके साहस की कहानियां सुनीं हैं। यह सब वर्तमान समय में हम से बिल्कुल भी संभव नहीं है। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, उपाध्यक्ष गीता दलाल, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, मदन तोपखानेवाले, निरंजन पंडित, अनिल कालेले, अरविंद जोशी, परितोष डोनगांवकर, सुबोध टोले, साक्षी टोले, अंजलि काले, रविंद्र ठेंगड़ी, शचिंद्र देशमुख, रीना बाबर, रितेश बाबर, मेघा पोतदार, संध्या खंगन सहित बड़ी संख्या में युवा समिति के सदस्य उपस्थित थे।