दिव्य महाराष्ट्र मंडल

युवाओं के एक-एक घंटे समाजसेवा के बहुत सारे घंटे हो जाते हैः अजय काळे

 - दूरदर्शन के हमर पहुना कार्यक्रम में पहुंचे महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले

रायपुर। युवा अगर चाहें तो अपने करियर के साथ समाजसेवा में हिस्सेदारी निभा सकते हैं। जरूरी नहीं कि आपकी समाजसेवा दिनभर हो या कई घंटों की। अगर आप अपने व्यस्त शेड्यूल में एक- दो घंटे भी जनसेवा के लिए देते हैं, तो यही बहुत बड़ी बात होगी। क्योंकि आप जैसे युवा जब एक- दो घंटे कहीं खर्च करते हैं तो युवाओं के कुल मिलाकर यह बहुत सारे घंटे हो जाते हैं और समाजसेवा के बड़े- बड़े काम आसानी से संपन्न हो जाते हैं। इसी सोच और दृष्टिकोण के साथ ही मैंने महाराष्ट्र मंडल में युवाओं की फौज खड़ी की है। छत्तीसगढ़ दूरदर्शन पर युवाओं को प्रेरित करने वाली इस तरह की बातें महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कही।

दूरदर्शन के हमर पहुना कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार शशांक खरे से बातचीत करते हुए काले ने महाराष्ट्र मंडल की विकास यात्रा, सर्व समाज सेवा और भावी योजनाओं पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां तो दी हैं। साथ ही इस बात पर भी जोर दिया है कि समाजसेवा करने की कोई उम्र निर्धारित नहीं होती और यह सोच तो गैरवाजिब लगती है कि सेवानिवृत्ति के बाद हम समाजसेवा करेंगे।

समाज सेवा के लिए प्रेरित होने वाली घटना का उल्लेख करते हुए काले ने कहा कि सन् 1985 डा, मनोज लांजेवार एक दिन मुझे मिले और मुझे बताया कि ब्लड की आवश्यकता है। वह डोनर खोज रहे थे, तो मैंने उन्हें कहा चलो मैं देता हूं। वह ब्लड एक गरीब छोटी बच्चों को दिया गया। उनके परिजनों के कृतज्ञता व्यक्त की। ऐसे में मुझे लगा को चलो मेरा ब्लड किसी के काम तो आया। वहीं 15 अगस्त के समय मंडल में एक कार्यक्रम के दौरान माई निमेषे एक उन्हें बताया कि जिनकी आंखों नहीं है उन्हें कैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रैक्टिकल करके दिखाया। ऐसे में कोई आदमी नेत्रदान करता है तो वह नेत्रहीन दुनिया देख सकता है। उसी दिन मैंने नेत्रदान का फार्म भरा और समाजसेवा के क्षेत्र में आ गया।

शिक्षा के क्षेत्र में समाजसेवा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमने इंग्लिस मीडियम स्कूल खोलने के साथ गरीब बच्चों की शिक्षा निःशुल्क कर दी। कैरियर कोचिंग क्लास शुरू की। स्कूल की नई ब्रांच प्रारंभ करने की योजना है। समाजसेवा के क्षेत्र मंडल की भावी कार्ययोजनाओं की जानकारी देते हुए काले ने बताया कि मंडल का गुरुकुल शुरू करने की योजना है। ताकि हम अपनी भावी पीढ़ी को अपने धर्म और संस्कार का ज्ञान भी दे सके। गोशाला प्रारंभ करने की भी योजना है। इसके साथ बुजुर्गों के लिए डे केयर सेंटर शुरू करने की रूपरेखा  भी तैयार की जा रही है। कोई व्यक्ति नौकरी पर जाता है तो अपने घर के बुजुर्ग को महाराष्ट्र मंडल छोड़ जाएगा और नौकरी से लौटते समय उन्हें ले जाएगा। ऐसे में बुजुर्गों के अनुभवों का लाभ मंडल को मिलेगा और समाज की सेवा भी होगी।

मंडल द्वारा चलाए जा रहे मराठी स्पीकिंग क्लास का उल्लेख करते हुए काळे ने कहा कि मंडल की वरिष्ठ आजीवन सभासद पद्मजा लाड लोगों को मराठी सीखा रही है। प्रतिदिन रात में 9 से 10 बजे के बीच आनलाइन क्लासेस चलती है। छत्तीसगढ़ ही नहीं भारत के कई इलाकों के साथ विदेशों से जुड़कर लोग मराठी सीख रहे है।