तुम मुझे यूं ना भुला पाओगे... के साथ मो. रफी का संगीतमय स्मरण
2024-12-26 07:34 AM
183
0- महाराष्ट्र मंडल में सुर संतृप्ति ग्रुप ने लाइव बैंड के साथ मनाई शताब्दी जयंती
रायपुर। सुर संतृप्ति के संस्थापक व मुखिया विश्वास केसकर ने सुरमयी प्रस्तुति 'तुम मुझे यूं ना भुला पाओगे....' से अपनी टीम के साथ मो. रफी को उनकी जन्म शताब्दी पर संगीतमय आदरांजलि दी। महाराष्ट्र मंडल में आयोजित यश लाइव बैंड के साथ संगीतमय कार्यक्रम में चार घंटे तक बेहतरीन प्रस्तुतियों से दर्शक बंधे रह गए। कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता छह साल की मासूम गायिका विश्वास- प्रीति केसरकर की बेटी संतृप्ति की बेहतरीन प्रस्तुतियां रहीं।
जिस उम्र में बच्चे ए फॉर एप्पल, बी फॉर बॉल पढ़ना- समझना सीखते हैं, उस उम्र में संतृप्ति केसकर अपने पिता विश्वास के साथ 'आदमी मुसाफिर है, आता है जाता है....' गाना गाती है, तो न केवल उनकी मीठी सी आवाज और आत्मविश्वास से लोग मंत्रमुग्ध हो जाते हैं बल्कि उनकी गानों को याद रखने करने की क्षमता से आश्चर्यचकित भी होते हैं। एक गाने की बात हो तो समझ में भी आए, लेकिन पूरे कार्यक्रम है कभी यह छह वर्षीय मासूम संतृप्ति फिल्म चोरी चोरी का कठिन शास्त्रीय गाना 'रसिक बलमा....' गाकर श्रोताओं को दांतों तले अंगुली दबाने विवश करती है, तो कभी 'अभी ना जाओ छोड़कर, दिल अभी भरा नहीं....' गाकर आश्चर्यचकित करतीं हैं।
मो. रफी के जन्म शताब्दी आयोजन में भिलाई की यश लाइव बैंड पार्टी की संगीत के प्रति प्रतिबद्धता देखकर हर कोई तारीफ किए बिना नहीं रह पाता। उनके संगीत में प्रशांत बक्षी की आवाज 'आज पुरानी राहों से....', मंजरी बक्षी की प्रस्तुति 'तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है....' सागरिका सिन्हा की मधुर आवाज में 'गुनगुना रहे हैं भोर रहे हैं खिल रहीं हैं कली- कली....' महेंद्र सिंह, राजा घोष, राकेश दास, ललित सिन्हा, सुलेखा पाटिल जैसे गायकों- गायिकाओं की एक के बाद एक प्रस्तुतियां अभूतपूर्व रही। इस बीच रवींद्र सिंह दत्ता की रोचक, मजेदार एंकरिंग कार्यक्रम में चार चांद लगाते रही। रवींद्र सिंह के साथ एंकरिंग में साथ देने वाली प्रीति केसरकर भी सुमधुर गानों की प्रस्तुतियों से प्रभावित करतीं रहीं।