शिवाजी महाराज के जयकारों से गूंजा संत ज्ञानेश्वर विद्यालय
0- महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी जन्मोत्सव के कार्यक्रम में युवा समिति में दिखा उत्साह
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल का छत्रपति शिवाजी महाराज जन्मोत्सव संत ज्ञानेश्वर विद्यालय (एसडीवी) में पूरी भव्यता के साथ मनाया गया। एसडीवी के सभागृह में जब श्रावणी मुकादम नृत्य नाटिका के माध्यम से छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्म से अवसान तक की वीरगाथा का मंचन किया, तो जय भवानी, जय शिवाजी के उद्घोष से पूरा परिसर गूंजायमान हो उठा। वहीं चौबे काॅलोनी केंद्र द्वारा प्रस्तुत पोवाड़ा ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ी दी। बताते चलें कि राष्ट्र के गौरव और स्वाभिमान के लिए मुगम शासकों को लोहे के चने चबवाने वाले महान योद्धा और हिंदू ह्रदय सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज की 395वीं जयंती बुधवार 19 फरवरी को महाराष्ट्र मंडल द्वारा संत ज्ञानेश्वर स्कूल प्रांगण में धूमधाम से मनाई गई।

महाराष्ट्र मंडल के युवा समिति की प्रमुख शुचिता देशमुख ने बताया कि मंडल की युवा समिति के ओर से वीर छत्रपति शिवाजी को नमन करते हुए वर्षभर हर माह की 19 तारीफ को उनकी आरती की जाती है। आज उनकी जयंती पर मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय प्रांगण में जयंती महोत्सव का आयोजन किया गया। शिवाजी महाराज के जन्म से अवसान तक की वीरगाथा नृत्य नाटिका के माध्यम से युवा समिति की सदस्य श्रावणी मुकादम ने प्रस्तुत किया।

वहीं चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं द्वारा पोवाड़ा (गायन के माध्यम से जीवन गाथा) प्रस्तुत कर शिवाजी के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को रेखांकित किया। छत्रपति शिवाजी महाराज के एक- एक शब्द में छुपी शिवाजी की प्रतिभा को सभी को बताया। महिलाओं ने बताया कि छ यानी छत्तीस हाथियों का बल रखने वाला, त्र मतलब जिन्होंने मुगलों को परेशान किया, प यानी न लौटने वाला और ति मतलब तीनों लोकों को जानने वाला। वहीं शिवाजी के शि में अनुशासित, वा में व्यावसायिक चमक और जी में जिजाऊ का बेटा बताया। वहीं महाराज के म में महाराष्ट्र का गौरव, हा में जो हार नहीं मानते, रा में राज्य के शुभचिंक और ज में लोगों को राजा परिभाषित किया गया।
चौबे कालोनी केंद्र से चारुशीला देव, मनीषा वरवंडकर, अपर्णा कालेले, अर्चना मुकादम, गौरी क्षीरसागर, अक्षता पंडित, स्वाती डबली, अंजलि वैद्य, सीमा गनोदवाले, उज्जवला पुराणिक, संध्या हिशीकर, प्रीति शेष और कीर्ति हिशीकर ने सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम उस वक्त जोश से भर गया जब तन्मय बक्षी ने शिवाजी महाराज के रोचक प्रसंग को सभी के साथ साझा किया।