रामनवमीं पर महाराष्ट्र मंडल में ‘भरत मिलाप’ की शानदार प्रस्तुति
2025-04-06 09:38 PM
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0- आजीवन सभासदों के बच्चों ने लघु नाटिका के माध्यम से रामनवमी महोत्सव को बनाया मनोरंजक
0- ‘कैकयी के राम’ में मां कैकयी की वेदना को समझाने का बेहतरीन प्रयास किया अक्षदा मातुरकर ने
रायपुर। बच्चों को आज्ञाकारिता, वचनद्धता, मान-सम्मान, धैर्य, संयम, मृदभाषिता जैसे संस्कार देने के लिए ‘भरत मिलाप से आदर्श लघु नाटक हो नहीं सकता। जिसे महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में बच्चों ने ही मंचित किया। इसी तरह एक अन्य सुधीर श्रीवास्तव लिखित लघु नाटिका ‘कैकयी के राम’ में अक्षदा मातुरकर के अभिनय से निर्देशक रंजन मोडक ने मां कैकयी की संवेदना को समझाने का प्रशंसनीय प्रयास किया।
आध्यात्मिक समिति के रामनवमी महोत्सव के अंतिम दिन अपर्णा कालेले लिखित व निर्देशित लघु नाटक भरत मिलाप में माता कैकयी के वचनों का पालन करने के लिए प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण वन की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। इधर पिता के देह त्यागने और भाई श्रीराम के बिछोह से व्यथित भरत उन्हें मनाने के लिए गुरु वशिष्ट, अपनी तीनों माओं और शत्रुघ्न को साथ लेकर वन में उनके पास पहुंचते हैं। रामायण के इसी प्रसंग पर बच्चों ने क्षमतानुसार सराहनीय अभिनय किया।

‘भरत मिलाप’ में अनय पंडित, तनिष्क डोनगांवकर, विहान कालेले, अक्षत पंडित, प्रणीत डोनगांवकर, मायरा गुप्ते, तनवी डोनगांवकर, कुमारी डबली ने अपनी- अपनी भूमिकाएं प्रभावी ढंग निभाईं। लघु नाटिका में पार्श्व संगीत से परितोष डोनगांवकर ने प्रभावित किया। वंदना निमोणकर और प्राची डोनगांवकर ने आवश्यकतानुसार सौम्य रंगभूषा रखी। जयेश कालेले और प्रकाश गुरव ने प्रकाश संयोजन का जिम्मेदारी बखूबी निभाई।