दिव्य महाराष्ट्र मंडल

ऑनलाइन बाल संस्काार शिविर को लेकर पहले दिन से ही बच्चों में उत्साह

 0-महाराष्‍ट्र मंडल की पहल से बच्‍चों को संस्‍कार और अनुशासन के मार्ग पर चलते देख अभिभावक भी खुश

रायपुर। महाराष्‍ट्र मंडल की आध्‍यात्मिक समिति का महीने भर चलने वाला ऑनलाइन बाल संस्‍कार शिविर बच्‍चों के उत्‍साह के साथ शुरू हो गया। पहले‍ दिन प्रतिभागी बच्‍चों ने अपना परिचय देते हुए पद्मासन की स्थिति में बैठकर ऊँ कार का जाप किया। शिविर के पहले ही दिन बच्‍चों को हिंदी कैलेंडर के 12 महीनों के नाम बताए गए। इसी तरह हिंदू कैलेंडर के महीने में दो पक्ष पूर्णिमा और अमावस्‍या, सप्‍ताह के सात वार जैसी अनेक मूलभूत जानकारियां दी गईं।

योग व आध्‍यात्मिक समिति की समन्‍वयक आस्‍था काले ने बताया कि शिविर को संचालित कर रहे गुरुजनों मंजूषा मरकले, डॉ. दीपाली अमीन, डॉ. अलकनंदा नारद, डॉ. मंजुषा वैशंपायन और चारुशीला देव में बच्‍चों के अपने- अपने ग्रुप में पहले से तय विषयों पर चर्चा कर रहे हैं और उन्‍हें अभ्‍यास करा रहे हैं। बच्‍चों को चारों वेदों के बारे में सिखाया जा रहा है। 18 पुराणों के बारे में बताया गया।

 

 

आस्‍था ने जोर देकर कहा कि हमने ऑनलाइन शिविर में शामिल होने के लिए जो अनुशासन और संस्‍कार निर्धारित किए गए थे, बच्‍चे उनका अनुसरण कर रहे हैं और उसके बाद ही वे शिविर में शामिल हो रहे हैं। शालाएं बंद होने के बाद बच्‍चों को सुबह उठकर स्‍नान कर भगवान के सामने दीया-बत्‍ती करते देखना और सुबह सबेरे घर के वरिष्‍ठ सदस्‍यों का चरण स्‍पर्श कर आशीर्वाद लेना, वाकई सुखद अहसास कराता है। अच्‍छी बात यह है बच्‍चों के अभिभावक भी बाल संस्‍कार शिविर के नाम पर महाराष्‍ट्र मंडल की इस पहल को सकारात्‍मक प्रतिसाद दे रहे हैं।

आस्‍था के अनुसार केंद्रीय विद्यालय सहित कुछ शालाएं अभी भी किसी न किसी स्‍वरूप में चल रहीं हैं, इसलिए फिलहाल कुछ बच्‍चे ऑनलाइन संस्‍कार शिविर में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उनके शामिल होने के बाद बच्‍चों की संख्‍या और भी अधिक हो जाएगी। बाल संस्‍कार शिविर को ऑनलाइन लगाने का सबसे बडा लाभ यह हो रहा है कि इसमें छत्‍तीसगढ समेत चार राज्‍यों मध्‍य प्रदेश, गुजरात और महाराष्‍ट्र के बच्‍चे भी शामिल हो रहे हैं।