कार्यशालाः संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने जाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की
2025-06-02 01:49 PM
168
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बेसिक जानकारी का उपयोग उसका महत्व पर कॉस्मिक क्रिएशन समिति द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन सोमवार 2 जून को किया गया। कार्यशाला में 9वीं से 12वीं तक के 20 बच्चों ने भाग लिया। कॉस्मिक क्रिएशन समिति के गोपाल कृष्ण वैष्णव ने सुबह 8.30 से 10.30 तक बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बेसिक जानकारी दी।

गोपाल कृष्ण वैष्णव ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय दिया तथा बच्चों को मशीन व कंप्यूटर में अंतर बताया तथा उन्हें इसके उपयोग महत्व के बारे में समझाया। कार्यशाला में 12वीं की छात्रा इफत बानो पटेल से प्रशिक्षक वैष्णव ने प्रश्न पूछा जिस पर इफत ने मशीन और कंप्यूटर के अंतर को समझाया। इसी तरह से 12वीं कॉमर्स की विद्यार्थी श्रद्धा और ऋतिक जायसवाल ने अकाउंटिंग से रिलेटेड प्रश्नों का उत्तर दिया। 10वीं के विद्यार्थी आयुषी व सिमर, 9वीं की गार्गी व मुस्कान ने बताया कि किस तरीके से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उन्हें नोटिस बनाने में तथा सिलेबस को अच्छे से समझने में मदद करता है। प्रशिक्षक वैष्णव ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को कंप्यूटर के द्वारा भी समझाया बच्चों के प्रश्नों का सहजता से उत्तर दिया तथा उनकी शंकाओं को दूर किया।
स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के लोकसभा क्षेत्र में कुछ चयनित विद्यालयों में हुआ। जिसके तहत संत ज्ञानेश्वर विद्यालय को भी चुना गया। उन्होंने कहा कि एआई का मतलब है डिवाइस की मानव बुद्धि की तरह काम करने की क्षमता और मानव द्वारा किए जाने वाले कार्यों को पूरा करना, जैसे कि डेटा में पैटर्न को पहचानना और जानकारी के आधार पर निर्णय लेना। यह जटिल एल्गोरिदम (उर्फ फैंसी गणित नियम) और डेटा प्रोसेसिंग तकनीकों के उपयोग के माध्यम से ऐसा करता है। कार्यशाला में स्कूल के शिक्षक रोशन सिंह राजपूत का विशेष योगदान रहा।