दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महाराष्ट्र मंडल ने शुरु किया मेडिकल इक्विपमेंट योजना का विस्तार... अध्यक्ष ने दिलाया भरोसा... मदद के हम हमेशा तैयार

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल एक बार फिर वाघोलीकर इक्विपमेंट योजना का विभिन्न शहरों के माध्यम से विस्तार करने जा रहा है। तीन दिवसीय लोकार्पण समारोह के दूसरे दिन रायपुर के नवनिर्मित मंडल भवन पहुंचे प्रदेशभर के महाराष्ट्र मंडल के प्रतिनिधियों को मंडल अध्यक्ष अजय काले ने व्हीलचेयर और मेडिकल बेड देकर इस योजना को आगे बढ़ाने, प्रचारित और विस्तारित करने का संदेश दिया। 
मंडल अध्यक्ष काले ने कहा कि प्रदेश के सभी महाराष्ट्र मंडल रायपुर के महाराष्ट्र मंडल को मार्गदर्शक की भूमिका में देखते हैं। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम रायपुर में चलाए जा रहे विभिन्न प्रकल्पों को छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में भी विस्तारित करें और ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को इससे लाभान्वित करें। आगे बताया कि हमने करीब पांच साल पहले धमतरी, भिलाई, बिलासपुर और कोरबा महाराष्ट्र मंडल को विभिन्न मेडिकल उपकरण दिए थे। इससे सैकड़ों लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इन मंडलों की निःस्वार्थ सेवा भावना और प्रबल हो, इसलिए महाराष्ट्र मंडल के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण समारोह में हम इन्हें दोबारा मेडिकल उपकरण देना चाहते हैं। 
 
इस मौके पर महाराष्ट्र मंडल दुर्ग के सचिव अनिल जोशी ने कहा कि रायपुर मंडल से मिले मेडिकल उपकरण हमें अपनी जिम्मेदारियों का अहसास करातें है। इन जिम्मेदारियों को विस्तार देने का भी समय आ गया। रायपुर से मिले व्हीलचेयर और मेडिकल बेड की मांग मरीजों के बीच लगातार बनी हुई है। एक- दो बार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की डिमांड भी हो चुकी है। महाराष्ट्र मंडल भिलाई सेक्टर - 4 के कार्यकारी अध्यक्ष अजय कुलकर्णी के अनुसार रायपुर महाराष्ट्र मंडल से व्हील चेयर और मेडिकल बेड के रूप में मिल रही नई जिम्मेदारियों को स्वीकार करने के लिए हम तैयार हैं। हमें विश्वास है कि भविष्य में भी रायपुर महाराष्ट्र मंडल का हमें इसी तरह मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहेगा।


 
बिलासपुर में पारिजात और रेलवे महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष मोहन देवपुजारी, कोरबा महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष हेमंत माउलीकर के मुताबिक महाराष्ट्र मंडल रायपुर से मिले मेडिकल इक्यूपमेंट के अलावा भी हम शत- प्रतिशत अपने सामर्थ्य से भी मेडिकल उपकरणों की संख्या और वैरायटी बढ़ाएंगे। वहीं धमतरी महाराष्ट्र मंडल के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष सुधीर बल्लाल कहते हैं कि महाराष्ट्र मंडल के प्रकल्पों की गतिविधियों को समझने के लिए हम वहां के पदाधिकारियों को दोबारा धमतरी आमंत्रित करेंगे। चिकित्सा उपकरण से धमतरी के भी कई मरीज लाभान्वित हो चुके हैं और हो रहे हैं। 
 
रायपुर महाराष्ट्र मंडल में मेडिकल इक्विपमेंट का काम संभालने वाली रमा नाहरगडकर कहतीं हैं कि अब तक लगभग डेढ़ हजार लोग वाघोलीकर योजना से लाभ ले चुके हैं। अभी भी बहुत से गरीबों और जरूरतमंद मरीजों के पास महाराष्ट्र मंडल के मेडिकल उपकरण हैं। पहले की तुलना में मरीजों और उनके परिजनों में काफी जागरूकता आ गई है। इसके परिणामस्वरूप अब निर्धारित समय तक मेडिकल उपकरण बिना टूट-फूट के लौटाने की कोशिश करते हैं।


 
महाराष्ट्र मंडल के स्वास्थ्य सेवा समिति के प्रभारी अरविंद जोशी के अनुसार मेडिकल उपकरणों में ऐसा एक भी उपकरण नहीं है, जिससे रखरखाव के लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता हो। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को भी आसानी से संभाला और रखा जा सकता है। यही वजह है कि रायपुर में महाराष्ट्र मंडल के अलावा भी बढ़ते कदम जैसी कई संस्थाएं हैं, जो अब इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध करा रहीं हैं। हमारी कोशिश यही है कि बेहद विपरीत एवं संवेदनशील परिस्थितियों में निम्न आय वर्ग के मरीज इससे लाभान्वित हो सकें।