संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में आज संस्कृत में हुई असेंबली.. बच्चों ने संस्कृत में सुनाई कविता
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में मंगलवार 19 अगस्त को संस्कृत दिवस मनाया गया। बतादें कि संस्कृत दिवस श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो आमतौर पर रक्षाबंधन के दिन होता है। संत ज्ञानेश्वर स्कूल में आज संस्कृत दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों ने संस्कृत में असेंबली कंडट किया।
इस अवसर पर ग्रीन हाउस इंचार्ज किरण तिवास्कर ने बच्चों को संस्कृत का महत्व बताया। उन्होंने बताया कि कि संस्कृत में "दिन" को "दिवसः" या "दिनम्" कहते हैं। "दिवस" शब्द का उपयोग दिन के समय को दर्शाने के लिए किया जाता है, जबकि "दिनम्" शब्द का उपयोग सामान्य रूप से दिन के लिए किया जाता है। संस्कृत में न केवल हिंदू, बौद्ध, जैन आदि के प्राचीन धार्मिक ग्रंथ लिखित हैं, बल्कि इसमें साहित्य, संस्कृति व ज्ञान-विज्ञान परक लगभग तीन करोड़ पांडुलिपियां मौजूद हैं। यह संख्या ग्रीक और लैटिन की पांडुलिपियों की कुल संख्या के सौ गुना से भी ज्यादा है। संस्कृत जिसे देववाणी भी कहते हैं, विश्व की प्राचीनतम लिखित भाषा है।
शिक्षिका किरण ने बताया कि आज असेंबली में बच्चों ने संस्कृत में प्लेज बोला। कक्षा पांचवी की छात्रा लावण्या गिरीभट्ट ने संस्कृत में अपने विचार व्यक्त किए। कक्षा पांचवी की ही छात्रा रुचि साहू ने और लावण्या गिरीभट्ट ने मिलकर संस्कृत में असेंबली कराई। उदित जैन ने संस्कृत में कविता सुनाई।