अपनी 9 से 15 साल की बच्चियों को लगवाए एचपीवी वैक्सीनः डा. मौ. राय
2025-08-22 06:00 PM
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- महाराष्ट्र मंडल पहुंची संजीवनी कैंसर केयर की सीनियर कैंसर सर्जन और क्लीनिकल डायरेक्टर डा. मौ. राय
रायपुर। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए और अपने लिए समय निकलना ही चाहिए। ताकि वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सके। हम महिलाओं की भागमभाग जिंदगी और जिम्मेदारी के बीच हम यह काम भूल जाते है। इसके चलते हर आठ में एक महिला का स्तर कैंसर होने का खतरा बना रहता है। स्तर कैंसर महिलाओं से सबसे आम कैंसर है। महीने में एक बार स्तन स्व-परीक्षण करने से लक्षणों का जल्द पता लगाने में मदद मिलती है। इसके लिए आप यूट्यूब में लाकर जानकारी ले सकते हैं कि आखिर कैसे स्तनों का स्व परीक्षण करें। उक्ताशय के विचार संजीवनी कैंसर केयर की सीनियर कैंसर सर्जन और क्लीनिकल डायरेक्टर डा. मौ. राय ने महाराष्ट्र मंडल में आयोजित तीज महोत्सव में शामिल होने आई महिलाओं से कहीं। कार्यक्रम को संजीवनी कैंसर केयर की सीनियर कैंसर सर्जन और डायरेक्टर डा युसूफ मेमन से भी संबोधित किया। उन्होंने महिलाओं से खुद का ख्याल रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि आप स्वस्थ्य रहेंगी तो परिवार खुशहाल रहेगा।
डा. मौ. राय ने आगे कहा कि कैंसर से बचाव के लिए बच्चियों का एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण करवाना ज़रूरी है, जो सर्वाइकल कैंसर सहित कई तरह के कैंसर को रोकने में मदद करता है। यह टीका 9 से 15 साल की उम्र की बच्चियों के लिए सबसे अधिक प्रभावी होता है। टीकों के उपलब्ध होने पर 26 साल की उम्र तक के किशोरों और युवा वयस्कों को भी इसे लगवाने की सलाह दी जाती है। यदि आपकी बच्ची 26 साल की उम्र से अधिक की है और उसने पहले टीका नहीं लगवाया है, तो उसे भी डॉक्टर से सलाह लेकर टीका लगवाना चाहिए।
डा. मौ. राय ने कहा कि 45 वर्ष की आयु के बाद वार्षिक स्क्रीनिंग मैमोग्राफी स्तन कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में पता लगाने में मदद करती है, जो कि इलाज योग्य है या इससे पहले कि यह पूर्व-घातक स्थितियों की तरह विकसित हो। महिलाओं को संतुलित और स्वस्थ आहार लेने और वजन को नियंत्रित रखने के लिए प्रतिदिन 45 मिनट पैदल चलना, जिम जाना, तैराकी, साइकिल चलाना या योग जैसी कोई शारीरिक गतिविधि करना चाहिए। क्योंकि मोटापा महिलाओं में दो कैंसर - स्तन और स्त्री रोग संबंधी - का जोखिम बढ़ा देता है।
डा. मौ. राय ने आगे कहा कि स्तन कैंसर स्तन में कोशिकाओं की असामान्य और अनियंत्रित वृद्धि है, जिससे ट्यूमर बनता है और यह शरीर के अन्य भागों में फैल सकता है। इसके लक्षणों में स्तन में गांठ, निप्पल से स्राव, निप्पल का अंदर धंसना या त्वचा में बदलाव शामिल हैं। इसका पता स्व-जांच, मैमोग्राफी और अन्य इमेजिंग परीक्षणों से लगाया जा सकता है। वहीं गर्भाशय कैंसर के मुख्य लक्षणों में योनि से असामान्य रक्तस्राव या स्पॉटिंग, मेनोपॉज के बाद योनि से सफेद पानी आना, मासिक धर्म के बीच रक्तस्राव, पीरियड्स का सामान्य से अधिक समय तक जारी रहना, योनि से अत्यधिक रक्तस्राव, लंबे समय तक रक्तस्राव, उम्र 40 से अधिक होने के बाद भी अधिक रक्तस्राव, पेट के निचले हिस्से में दर्द, और सेक्स के दौरान दर्द महसूस करना शामिल हैं।