दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महाराष्ट्र मंडल में 30 अगस्त को हिंदी नाटक ‘शिखंडी’ का मंचन

रायपुर। साहित्य और समाज का संबंध होता है। समाज की सच्चाई को साहित्य अपने भीतर समेटकर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। ऐसे ही समाज की एक सच्चाई को शनिवार शाम 7 बजे महाराष्ट्र मंडल के शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में देखने को मिलेगी। टीम रंगभूमि के कलाकार किन्नर व्यथा शिखंड़ी का मंचन किया जाएगा।

आचार्य रंजन मोड़क ने बताया कि इस नाटक का मुख्य उद्देश्य समाज के हाशिए पर पड़े थर्ड जेंडर समुदाय की जीवन स्थितियों और संघर्षों को मुख्यधारा में लाना है। कार्यक्रम में लेखक भरत वेद द्वारा लिखित नाटक शिखंडीका मंचन थर्ड जेंडरों के संघर्ष और उनकी मानसिक स्थिति को बेहद प्रभावशाली तरीके से दर्शाया नजर आएगा।

नाटक के माध्यम से लेखक भरत वेद ने किन्नरों की कठिनाइयों, उनके अधिकारों की लड़ाई और समाज में उन्हें मिलने वाले असमान व्यवहार को गहरे और संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत किया। 2014 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने किन्नरों को थर्ड जेंडरका दर्जा प्रदान किया था, और तब से यह समुदाय अपने अधिकारों को लेकर सजग और जागरूक हो गया है। अब वे अपनी पहचान और अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से संघर्ष कर रहे हैं, और समाज में समानता की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से रंगभूमि ने इस समुदाय की मानसिकता, संघर्ष, और बदलाव की इच्छा को समाज के सामने रखा।