पर्यावरण के पंचतत्वों पर ‘अब तो जागो’ की मनमनोहक प्रस्तुति
2025-10-10 02:01 PM
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रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति ने वृद्धजन दिवस के अवसर पर पर्यावरण के पांच तत्व पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश पर आधारित ‘अब तो जागो’ की मनमनोहक प्रस्तुति दी। जिसमें समिति के सदस्यों ने अलग-अलग पात्रों के माध्यम से खुद की अहमियत बताते हुए खुद को बचाने की अपील की।
महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल ने बताया कि पृथ्वी की भूमिका अर्चना मुकादम, जल की भूमिका अनघा करकशे और अग्नि का रूप अर्चना पराड़कर ने धरा, वहीं वायु की आवाज प्राची डोनगांवकर और आकाश को स्वर अभय भागवतकर ने दिया।
दलाल ने आगे बताया कि वायु के रुप में प्राची ने कहा कि मेरे अस्तित्व को खत्म करने का प्रयास कोई और नहीं हम और आप जैसे लोग ही कर रहें है। सोचिये...मुझे प्रदूषित करने वाले मनुष्य तुम्हारा जीवन भी नहीं बचेगा। अगर शुद्ध प्राण वायु नहीं मिलेगी तो आप और हम कैसे जीवित रहेंगे।
जल की भूमिका में अनघा करकशे ने कहा कि मेरे बिना न खेत लहलहा सकते हैं, न जंगल सांस ले सकते हैं, न तुम जी सकते हो। पर आज मैं सबसे ज़्यादा दुखी हूं। कभी नदियों में मेरा कल-कल संगीत गूंजता था, अब गंदगी और प्लास्टिक ने मेरी साँसें रोक दी हैं। कभी तालाबों में मेरी गोद में गाँव खेलते थे, अब वहाँ पक्की इमारतें उग आई हैं। इसी तरह पृथ्वी, अग्नि और आकाश ने अपनी संवेदना प्रकट की।