दिव्य महाराष्ट्र मंडल

दिवाली सीजन में महाराष्‍ट्र मंडल के नमकीन- मिठाई की बढी मांग

0-   मंडल का मेस प्रकल्‍प हर साल दिव्‍यांग बालिका विकास गृह सहायतार्थ दिवाली पर बनाता है 12 तरह के शुद्ध व स्‍वादिष्‍ट व्‍यंजन
रायपुर। महाराष्‍ट्र मंडल में निर्मित दिवाली व्‍यंजनों की मांग अभी से शबाब पर है, जबकि दिवाली में अभी 10 दिन बाकी है। इस बार भी मंडल की मेस टीम कॉरपोरेट जगत में भी बड़े पैमाने पर गिफ्ट की सप्‍लाई करने के लिए तैयार है।   
 
मंडल के मेस प्रभारी दीपक किरवाईवाले ने बताया कि महाराष्‍ट्र मंडल की 90वीं सालगिरह पर तीन दिवसीय भव्‍य मराठी सोहला में दिवाली फराल (व्यंजनों) का भरपूर प्रचार- प्रसार किया गया। इसका असर अब बड़े पैमाने पर मिल रहे ऑर्डर के रूप में दिखाई दे रहा है। दीपक के अनुसार प्रति वर्षानुसार इस साल भी चिवड़ा सादा, चिवड़ा लहसून-प्‍याज, चकली, सेव, शक्‍करपारा, सलोनी, अनरसा, बेसन लड्डू, काजू कतली, गुजिया (करंजी), बालुशाही, मठरी जैसे आइटम बनाए जा रहे हैं। 
 
किरवईवाले के अनुसार मंडल का मेस पहली बार कॉरपोरेट गिफ्ट के लिए सूखे मिनी कचोरी और मावा की बर्फी भी बनाने जा रहा है। इससे व्‍यंजनों की संख्‍या बढ़ाए जाने से कंपनियों, प्रति‍ष्‍ठानों की ओर से दिवाली पर दिए जाने वाले गिफ्ट दिखने में और भी आकर्षक व समृद्ध भी लगेंगे। वहीं सामान्‍य मांग की पूति के लिए लहसून सेव भी बनाया जा रहा है। इस तरह चिवड़ा की तरह सेव की भी दो वेरायटी लोगों को मिलेगी। 
 
मंडल अध्‍यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि दिवाली की शुद्धता व स्‍वाद पर मंडल के सदस्‍य जितना भरोसा रखते हैं, उतना ही विश्‍वास अब गैरमराठी भाषी भी करने लगे हैं। लगातार मिल रहे दिवाली व्‍यंजनों के ऑर्डर से यह बात प्रमाणि‍त भी होती है। काले ने कहा कि दिवाली व्‍यंजनों की घर पहुंच सेवा के लिए 12 अक्‍टूबर तक मंडल के ऑफिस, प्रकल्‍पों व पदाधिकारियों के पास ऑर्डर बुक कराए जा सकते हैं। उसके बाद चौबे कॉलोनी स्‍थ‍ित महाराष्‍ट्र मंडल ऑफिस, प्रियदर्शिनी नगर स्थित संत ज्ञानेश्‍वर स्‍कूल, शंकर नगर स्थि‍त बाल वाचनालय और समता कॉलोनी स्थि‍त दिव्‍यांग बालिका विकास गृह में लगाए जाने वाले काउंटर से सीधे दिवाली व्‍यंजनों की खरीदी की जा सकेगी।