दिव्य महाराष्ट्र मंडल

राज्योत्सव में स्कूली बच्चे देंगे बारहमासी नृत्यों की प्रस्तुति

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा 4 नवंबर को आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चे बारहमासी नृत्य की प्रस्तुति देंगे। सावन के महीने में हरेली से छत्तीसगढ़ में त्योहारों का सिलसिला शुरू होता है। जो मानसून की शुरूआत के साथ मनाया जाता है। जिसके बाद यह क्रम लगातार चलता रहता है।   स्कूली बच्चियों द्वारा हरेली, सावन, सुआ, गौरी-गौरा, राउतनाचा, छेरछेरा पुन्नी के साथ पंथी नृत्य की प्रस्तुति देंगे।

स्कूल की शिक्षिका रचना तिवारी ने बताया कि 30 से अधिक लड़के और लड़कियों का ग्रुप इसकी तैयारी कर रहा है। 30 बच्चों को अलग-अलग ग्रुप अलग अलग नृत्य में प्रस्तुति देगा। जिसकी शुरुआत हरेली के साथ होगी। जिसमें , सावन, सुआ, गौरी-गौरा, राउतनाचा, छेरछेरा पुन्नी और सुग्घर छत्तीसगढ़ की झलक नजर आएगी। करीब 10 मिनट की इस प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ी संस्कृति को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। अपनी नियमित पढ़ाई के बाद बच्चे तन्मयता के साथ अभ्यास कर रहे है।

राज्योत्सव कार्यक्रम प्रभारी गीता दलाल ने बताया कि कार्यक्रम में संतोष गुरुगोसाई द्वारा छतीसगढी गीत को बासुरी मे सुनाया जाएगा।  चौबे कॉलोनी केंद्र द्वारा गौरा-गौरी नृत्य, डंगनिया केंद्र द्वारा सुआ नृत्य, अमलीडीह केंद्र द्वारा राउतनाचा प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन पूरी तरह छत्तीसगढ़ी भाषा में होगा।