कफ सिरप कांड : वाराणसी में SIT का शिकंजा, भोला प्रसाद की करोड़ों की संपत्ति जब्त
2026-02-01 02:10 PM
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वाराणसी| कफ सिरप तस्करी के गहरे जाल को उखाड़ने की दिशा में सोनभद्र विशेष जांच टीम (SIT) ने वाराणसी में निर्णायक कदम उठाया है। शनिवार को हुई कार्रवाई में SIT ने तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद की करोड़ों की संपत्ति जब्त कर दी। यह कार्रवाई न केवल तस्करी नेटवर्क की जड़ों पर चोट है, बल्कि कानून के शिकंजे की सख्ती का भी स्पष्ट संकेत है।
करोड़ों की संपत्ति जब्त
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के भरलाई इलाके में स्थित एक आवासीय प्लॉट को SIT ने सीज किया। इसके साथ ही जगदीशपुर, पिंडरा और मड़ौली क्षेत्र में फैली अन्य संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई। कुल मिलाकर भोला प्रसाद की 5.77 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। इससे पहले सोनभद्र पुलिस न्यायालय के आदेश पर लगभग 30 करोड़ की संपत्ति पहले ही जब्त कर चुकी थी।
तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति
जांच में SIT को ठोस साक्ष्य मिले हैं कि कफ सिरप की अवैध तस्करी से कमाई गई रकम को विभिन्न क्षेत्रों में निवेश किया गया। इन निवेशों के जरिए आलीशान प्लॉट और अन्य संपत्तियां खरीदी गईं। SIT का दावा है कि यह सम्पत्ति सीधे तौर पर तस्करी से अर्जित धन से जुड़ी हुई है।
कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा इंतजाम
संपत्तियों को सीज करने की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई। टीम के साथ स्थानीय पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति से निपटा जा सके। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और हर कदम न्यायालय के आदेशों के अनुरूप उठाया गया।
तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा
कफ सिरप तस्करी का यह मामला उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम का अहम हिस्सा है। SIT की कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि तस्करी से जुड़े हर व्यक्ति और उसकी अवैध संपत्ति पर कानून का शिकंजा कसता रहेगा। शुभम जायसवाल और उसके परिवार की संपत्तियों पर हुई यह कार्रवाई तस्करी नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
वाराणसी में हुई यह कार्रवाई केवल संपत्ति जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि अवैध कारोबार से अर्जित धन और संपत्ति कभी सुरक्षित नहीं रह सकती। सोनभद्र SIT की यह सख्ती तस्करी के खिलाफ राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क के और भी हिस्सों पर कार्रवाई की संभावना को मजबूत करती है।