क्रिएटिविटी के साथ 10वीं-12वीं के बच्चों की तैयार कराई हिंदी की तैयारी
- शिक्षिका रचना तिवारी ने इमोजी और आकर्षक लेखन से लर्न कराया रस, छंद और अलंकार
रायपुर। आज के आधुनिक युग में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने वालों बच्चों की संख्या अधिक है। इन दिनों सरकारी स्कूल भी अंग्रेजी माध्यम वाले संचालित हो रहे है। ऐसे में आज की पीढ़ी को हिंदी उतनी ही कठिन लगती है, जिसने 90 के दशक में पढ़ने वाले बच्चों को अंग्रेजी लगा करती थी। ऐसे में हिंदी को रोचक अंदाज में पढ़ाना ही बच्चों के लिए हितकर होता है। संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की शिक्षिका रचना तिवारी ने बच्चों को हिंदी की तैयारी सुंदर इमोजी और शानदार लिखावट के साथ कराई। उनका पढ़ाने का रोचक अंदाज बच्चों को खूब भाता है।
रचना तिवारी ने कहा कि बच्चों को व्याकरण में रस, छंद ,अलंकार को सरल ढंग से पढ़ाया जाए तो उनको भी मजा आता है और वे रुचि लेते है। उन्हें हमेशा के लिए याद रहता है। हिंदी साहित्य में काव्य की आत्मा रस को माना गया। इसके माध्यम से भाव की अभिव्यक्ति होती है।
हिंदी विषय की पढ़ाई में सबसे महत्वपूर्ण हमारे लिखावट होती है। सुंदर अक्षरों के साथ हमें प्रश्न पत्र हल करना चाहिए और जब हम लिखकर अभ्यास करते हैं तो वह लिखा हुआ हमारे स्मृति पटल पर छप जाता है, हमें याद रहता है। परीक्षा कक्ष में भी आसानी से याद आ जाता है। रटे नहीं, समझे ओर अपने शब्दों में उत्तर लिखे।
पूरा सिलेबस समझना जरूरी है, जिसमें गद्य, पद्य, व्याकरण, अपठित गद्यांश और लेखन कौशल शामिल होते हैं। गद्य और पद्य की तैयारी करते समय अध्यायों को बार-बार पढ़ें, लेखक या कवि का नाम याद रखें और मुख्य भाव तथा संदेश समझें, क्योंकि परीक्षा में भावार्थ और केंद्रीय विचार से जुड़े प्रश्न अधिक पूछे जाते हैं। व्याकरण पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि इससे पक्के अंक मिलते हैं; समास, अलंकार, मुहावरे, संधि और वाक्य शुद्धि जैसे विषयों का रोज अभ्यास करें। लेखन कौशल में निबंध, पत्र, अनुच्छेद और विज्ञापन लेखन का अभ्यास करें तथा सही प्रारूप और साफ लिखावट पर ध्यान दें। साथ ही, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करने से परीक्षा पैटर्न समझ में आता है और समय प्रबंधन की आदत बनती है। नियमित पुनरावृत्ति, अपने शब्दों में उत्तर लिखना और प्रश्नों को ध्यान से पढ़कर उत्तर देना अच्छे अंक प्राप्त करने में बहुत सहायक सिद्ध होता है।
अपठित गद्यांश और अपठित पद्यांश को ध्यान से दो बार अवश्य पढ़े तभी हमें उत्तर मिलते है ।एक बहुत आवश्यक बात प्रश्नों के उत्तर लिखते समय शब्द सीमा का ध्यान रखे ताकि अनावश्यक बातें ना लिखें और हमारा समय बचे। साथ ही हमारे कोई भी प्रश्न ना छूटे ।