मराठी देवी भजनों ने हल्दी-कुंकू को बनाया यादगार
- रोहिणीपुरम केंद्र के सदस्यों ने किया चालीसा पाठ
रायपुर। मराठी संस्कृति में हल्दी कुंकू का कितना महत्व है इसका पता सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है, कि मराठी महिलाएं हल्दी-कुंकू के आमंत्रण को बिल्कुल भी मिस नहीं करती। किसी के भी घर का बुलावा हो वह जाती जरूर है, क्योंकि महिलाएं इसे सुहाग का प्रतीक मानती है। महाराष्ट्र मंडल के रोहिणीपुरम केंद्र की महिलाओं ने मंगलवार 14 अप्रैल को हल्दी-कुंकू का आयोजन किया। आयोजन केंद्र की सदस्या माया देशपांडे के निवास पर था।
हल्दी-कुंकू के लिए पहुंची सभी महिलाएं रेड कलर के ड्रेस कोड में नजर आई। सभी ने चैत्र गौर पूजा के बाद हनुमान चालीसा का पाठ किया। फिर शुरू हुआ सुंदर मराठी देवी भजनों का सिलसिला। मराठी देवी भजनों की आयोजन को यादगार बना दिया। ढोलक और मंजीरे की थाप पर महिलाओं ने देवी भक्ति में रमकर भजन किया।
इस अवसर पर मंगला पुराणकर, राजश्री वैद्य, साधना बहिरट, अलका कुळकर्णी, प्राची गणोदवाले, प्रांजल बल्लाल, श्यामल जोशी, चित्रा बल्कि, अपर्णा जोशी, संध्या खंगन, माया देशपांडे, सुनिता वर्मा, वंदना कश्यप, रामप्यारी मिश्रा, शीतल कमाले, जया साहू, शीतल सोनी, रीतु पांडे, कल्पना सोमनाथ, गीता सोनी और प्रांजल उपस्थित थीं।