दिव्य महाराष्ट्र मंडल

बच्चों ने सीखा श्लोक, सुनी रामायण और नरसिंह भगवान की कहानी

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से आयोजित बाल संस्कार शिविर के तीसरे दिन सोमवार को क्लास आनलाइन मोड पर ली गई। तीन अलग-अलग शिक्षिकाओं द्वारा अलग-अलग बच्चों की क्लास ली गई। जिसमें बच्चे उत्सुकता के साथ जुड़े। बच्चों ने श्लोक सीखा और रामायण और नरसिंह भगवान की कहानी भी सुनी।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि संस्कार शिविर के तीसरे दिन की क्लास आनलाइन मोड पर ली गई। जिसकी शुरूआत ओम के उच्चारण के साथ हुई। भागवत गीता   के 12वें अध्याय के तीन श्लोक बच्चों को सिखाए गए। बच्चों की पहली क्लास मंजूषा वैशम्पायन ने ली। उन्होंने बच्चों को रामायण की कहानियां सुनाई।

आध्यात्मिक समिति की सृष्टि दंडवते ने बताया कि दूसरी क्लास समिति की सदस्या चारु शीला देव ने ली। उन्होंने बच्चों को गुरुर ब्रह्मा, कराग्रे वस्ते समुद्र वसने देवी, वक्रतुंड महाकाय मंत्र सिखाएं और उनका अर्थ भी समझाया वहीं संध्या खंगन ने नरसिंह भगवान की कहानी सुनाई। इस क्लास में सभी बच्चों का इंट्रोडक्शन भी हुआ। तीसरी क्लास मंजूषा मैर्केल ने ली। आनलाइन क्लास होने के कारण मंजूषा ने आज पहले दिन बच्चों का परिचय लिया और उनसे बातें की। वहीं समिति की सदस्या आकांक्षा गद्रे ने बच्चों को प्रेरक कहानियां सुनाई।