दिव्य महाराष्ट्र मंडल

संभाजी महाराज ने अपने जीवन में 121 युद्ध लड़े और सभी में जीते

 - महाराष्ट्र मंडल में मनाई गई संभाजी महाराज की जन्म जयंती

रायपुर। मराठा समाज के संस्थापक शिवाजी महाराज के पुत्र और हिंदवी स्वराज के तेजस्वी संवाहक संभाजी महाराज ने अपने जीवन काल में 121 युद्ध लड़े और सभी में विजय हासिल की। बीते दिनों सिनेमाघरों में आई फिल्म छावा के बाद लोगों ने संभाजी महाराज को करीब से जाना। ऐसी ऐतिहासिक फिल्में हमें हमारे ओजस्वी इतिहास से रूबरू कराती है। आज हम हिंदूत्व के साथ खुले आसमान में जो सांस ले रहें है, कहीं न कहीं वह शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज की देन है। उक्ताशय के महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने गुरुवार, 14 मई को महाराष्ट्र मंडल में आयोजित संभाजी महाराज के जयंती के अवसर पर रखें। 
 
काले ने आगे कहा कि स्वधर्म के रक्षक और महान योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। हिंदवी स्वराज के लिए उनके बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। फरवरी 1689 में संगमेश्वर के किले से मुगल सेनापति मुकर्रम खान ने उन्हें धोखे से पकड़ लिया था। उन्हें अमानवीय यातनाएं दी गई। 11 मार्च को उनकी हत्या कर दी गई। उनके बलिदान के बाद मराठा साम्राज्य और अधिक दृढ़ बना दिया। 
 
मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल की युवा समिति द्वारा माह की प्रत्येक 19 तारीख को शिवाजी महाराज की महाआरती की जाती है। आज मंडल में युवा समिति द्वारा संभाजी महाराज की जयंती मनाई गई। ऐतिहासिक रुप से छत्रपति संभाजी महाराज को ओरंजजेब की सेना द्वारा पकड़े जाने में उनकी पत्नी के भाई गनोजी शिरके और कानोजी शिरके का बड़ा हाथ था। वतन परस्ती के लालच में दोनों भाईयों ने मुगल सेना की शरण ली और संभाजी महाराज को पकड़वाया। आज हमें अपने घरों और समाज में रहने वाले सेल्फिस लोगों से बचना चाहिए। 
 
इस अवसर पर मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, आचार्य रंजन मोड़क, परितोष डोनगांवकर, विनोद राखुंडे, डा. शुचिता देशमुख, शुभम पुराणिक, प्रवीण क्षीरसागर, प्रकाश खांडेकर, प्रशांत देशपांडे, पंकज सराफ प्रमुख रुप से उपस्थित थे।