दिव्य महाराष्ट्र मंडल

बारिश के मौसम में अपने स्वास्थ्य का रखें विशेष ख्यालः डा. दिलीप पिंपले

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य होम्योपैथिक परिषद और महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद डा. दिलीप पिपंले ने कहा कि बारिश का मौसम शुरू होने के साथ हमें अपने और अपनों के लिए थोड़ी सतर्कता और सावधानी रखनी चाहिए। डा. दिलीप पिंपले रायपुर होम्योपैथिक मेडिकल कालेज एवं हास्पिटल में बतौर प्रोफेसर कार्यरत है। मौसमी बीमारी से बचने के लिए एलोपैथी, आयुर्वेदिक के साथ होम्योपैथी की दवाए भी कारगर होती है। होम्योपैथी की दवाएं धीरे लेकिन बीमारी का जड़ से नाश करती है।

डा. दिलीप पिंपले ने कहा कि बरसात में थोड़ी से सावधानी रखनी चाहिए। बारिश के मौसम में हमेशा स्वच्छ उबला हुआ और फिल्टर का पानी पानी चाहिए। पानी के बर्तनों को खुला बिल्कुल नहीं रखना चाहिए। खाना खाने के पहले, शौचालय से आने के बाद और बाहर से घर आने पर हाथ को साबुन से धोना चाहिए। घर पर ताजा भोजन करें, कटे हुए या खुले में रखे खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। घर के आसपास जलभराव न होने दें, इसमें मच्छरों का प्रजनन हो सकता है। कचरा डस्टबीन में ही डाले। बारिश के भींगने से बचे और सड़कों पर बह रहे नालियों के गंदे पानी के संपर्क में आने से बचना का पूरी प्रयास करें.

डा. पिंपले ने आगे कहा कि बारिश में जगह-जगह जलभराव होने से मच्छर पनपने लगते हैं, ऐसे में घरों में मच्छरदानी का उपयोग करें। फूल स्लीव वाले कपड़े पहने। मच्छर भगाने वाली क्रीम और लिक्विड का भी प्रयोग कर सकते है। बारिश में अगर जूता या चप्पल गीला हो जाए तो उसे पहनने से बचे। बारिश के मौसम में हल्के, सूती और आरामदायक कपड़े पहनने चाहिए। इन सभी चीजों के साथ पर्याप्त नींद लें, योग और व्यायाम करें। हल्दी वाला दूध, तुलसी, अदरक, आंवला जैसे घरेलु उपायों का सेवन करें।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

डा. पिंपले ने आगे कहा कि बारिश के मौसम में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जैसे बाहर के खुले और तले-भुने खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। ठहरे हुए पानी में बच्चों को बिल्कुल भी खेलने नहीं दें। बारिश में अगर कपड़े गीले हो जाए तो उसे ज्यादा देर तक न पहने। आंतरिक कपड़े तो बिल्कुल भी गीले नहीं पहनने चाहिए। ठंडे पेय पदार्थ और आइसक्रीम का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ बिना डाक्टरी सलाह के कोई भी दवा अपने हिसाब से बिल्कुल भी न खाए।