दिव्य महाराष्ट्र मंडल

संत ज्ञानेश्वर स्कूल में शुरू हुआ कराते प्रशिक्षण.... बच्चों में उत्साह

रायपुर। वातावरण में बढ़ती असुरक्षा के बीच बच्चों को आत्मरक्षा की बारीकियां सिखाना बेहद जरूरी है। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ उत्तम संस्कार और बच्चों को कराते का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह छह से सात बजे तक कराते शिक्षक मनीष बाघ बच्‍चों को ट्रनिंग दे रहे हैं।

स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि मनीष बाघ पिछले कई सालों से बच्चों को कराते प्रशिक्षण दे रहे हैं। कराटे प्रशिक्षण शारीरिक फिटनेस, आत्मरक्षा और मानसिक संतुलन के लिए बेहतरीन है। कोई भी व्यक्ति इसे किसी भी उम्र में शुरू कर सकता है, लेकिन पांच- छह साल की उम्र इसके लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है। यह आपके शरीर का लचीलापन और मानसिक एकाग्रता बढ़ाता है।

प्रशिक्षक मनीष के अनुसार कराते प्रशिक्षण लेने वाले के लिए शुरुआत के तीन चरण होते हैं। प्रतिदिन सबसे पहले बच्चों को पांच मिनट शांत बैठाया जाता है। कराटे में शारीरिक शक्ति से अधिक मानसिक एकाग्रता का महत्व है। दूसरा चरण आधार होता है। इसमें सही संतुलन बनाने के लिए पैरों को सही स्थिति में रखना सि‍खाते हैं। फिर पंच सिखाया जा रहा है। इसमें बच्चे अपने हाथ को हिप्स से घुमाते हुए सीधे लक्ष्य पर प्रहार करते हैं। वहीं किक्स में घुटने को ऊपर उठाकर आगे की तरफ (माये-गेरी) या साइड में किक मारने का अभ्यास कराया जा रहा है।