दिव्य महाराष्ट्र मंडल

कान, नाक और गले से जुड़ी हर परेशानी सामान्य नहीं होतीः डॉ. पूजा लखोटिया

रायपुर। बारिश के मौसम में हर आयु वर्ग के लोगों को सर्दी खांसी की परेशानी आम बात है। यदि आपको नाक बहना, जलन होना, छींकें आना, कान में दर्द, खुजली, बहरापन, स्राव आना, लगातार गला साफ करने की ज़रूरत पड़ना, खाँसी आना, दर्द होना, लंबे समय तक रहे तो जल्द से जल्द किसी अनुभवी कान, नाक और गले के विशेषज्ञ (ईएनटी) से परामर्श लेना महत्वपूर्ण है। महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद और ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. पूजा लखोटिया ने लोगों से अपील की है कि कान, नाक और गले से जुड़ी हर परेशानी वायरल या सामान्य नहीं होती। समय रहते उचित डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

डॉ. पूजा लखोटिया ने कहा कि ऊपर लिखित लक्षण किसी जीवाणु या विषाणु संक्रमण का संकेत हो सकते हैं। यह किसी दवा के दुष्प्रभाव का परिणाम भी हो सकते हैं।  कान के दर्द को कभी भी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह किसी गंभीर स्थिति जैसे ओटिटिस एक्सटर्ना, मलिग्नंट ओटिटिस एक्सटर्ना यानी कान के बाहरी हिस्से के संक्रमण (खासतौर पर डायबिटिक्स में) का संकेत हो सकता है।  नाक में जलन, जकड़न, स्राव आना, अवरुद्ध या सूजन महसूस होना ना केवल सर्दी-जुकाम के लक्षण हैं, बल्कि ये पॉलिप, साइनसाइटिस जैसी बीमारियों का संकेत भी हो सकते हैं।

डॉ. पूजा ने आगे कहा कि सर्दी - जुकाम होने पर लोगों को अक्सर साथ में सुनने में कठिनाई होती है। कई बार यह समस्या ख़ुद से 5-7 दिनों में दूर हो जाती है पर लंबे समय तक रहने से डाक्टर को दिखा कर उचित उपचार करवाना चाहिए। अगर कभी सुनने की क्षमता में अचानक कमी महसूस हो तो बिना वक़्त गवाए ईएनटी विशेषज्ञ को ज़रूर दिखाए क्योंकि समय पर इलाज से परमानेंट बहरापन प्रिवेंट किया जा सकता है।

कान, नाक और गले की बीमारियों के लक्षण कई बार ओवरलैप होते हैं पर हर बीमारी का उपचार स्पेसिफिक होता है, जो केवल जांच के बाद ही पता चल पाता है। इसलिए, ख़ुद को दोहराते हुए, मैं सब से अनुग्रह करना चाहूंगी कि वे अपनी समस्याओं के कारण का तुरंत पता लगाएं। समय रहते डाक्टरी सलाह लेने से ना केवल बीमारी का सही इलाज संभव है बल्कि इससे क्वालिटी ऑफ़ लाइफ में भी सुधार हो सकेगा।