क्षमा दिवस जन- जन का जिंदगी का दिवस बने
2026-09-26 03:15 PM
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जैन धर्म में क्षमा दिवस पर सभी से क्षमा मांगी जाती है और क्षमा दी जाती है, जिससे अच्छे मन से जिंदगी चलते रहती है। वास्तव में यह एक दिवस न होकर जिंदगी में सुकून के साथ आगे बढ़ने के लिए एक दिशा होती है इसीलिए सिर्फ जैन लोगों से ही नहीं हमारे जिंदगी में बचपन से लेकर अब तक जितने भी लोग संपर्क में होते है, चाहे वो किसी भी धर्म जाति से संबंधित हों, उनसे क्षमा मांगना ही सबसे बड़ा क्षमा पर्व हैं. जब माफी मांगेंगे तो क्या होगा? कुछ लोग ताने देंगे, हंसेंगे, बोलेंगे माफी मांग रहा है कल से फिर गलतियां करेगा, कभी माफ नहीं करेंगे, जान-बूझकर ऐसा व्यवहार है, ये सब सुनकर भी हमें अपना क्षमा कर्म करते रहना है क्योंकि क्षमा मांगने से हमे शांति मिलेगी, अहंकार कम होगा और धैर्य बढ़ेगा, जो जिंदगी में सबसे ज़्यादा सुकून के लिए आवश्यक है.
जन्म से मृत्यु तक हमारा संबंध घर से आरंभ होकर अंतिम दिन तक हजारों लोगों से होता है और स्वाभाविक है कि वचन से,कार्य से व्यवहार से,परिस्थितियों से,घमंड से, ज्ञान से, उम्र से जाने अनजाने में भाव से गलतियां होती ही है, क्योंकि हम इंसान है .गलती करें वो इंसान है, जो ग़लती न करे वो भगवान है। जिंदगी में गलती होती है, हम माफी मांगेंगे, तो वो माफ करे, न करे... ये उसकी समझ है लेकिन हम क्षमा भाव मन से मांगेंगे, तो निश्चित ही हमारा मन उस घटना को लेकर शांत रहेगा और हम जिंदगी में आगे बढ़ते रहेंगे. क्षमा हमने दूसरों को नहीं दी तो हम वहीं उलझे रहेंगे और जिंदगी की दौड़ में हम धीमे रहेंगे क्योंकि मन अस्थिर अशांत तो जिंदगी अशांत। उसका प्रभाव परिवार, समाज में आसानी से देखा जा सकता है.
कई बार मन विरूद्ध कार्य होने से हम नाराज रहते हैं, हर कार्य हमारे मन मुताबिक नहीं हो सकता क्योंकि हम भी तो कइयों के मन मुताबिक कार्य नहीं कर पाते हैं. नाराजगी की उम्र इतनी ज्यादा हो जाती है कि अच्छा संबंध कब दुश्मनी में परिवर्तित हो जाएगा, हमें मालूम नहीं पड़ेगा. क्षमा मांगने से, क्षमा करने से स्वयं का मन शांत होता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन का सर्वे भी कहता है जहां शांत मन, वहां उत्तम स्वास्थ्य,धन, सफलता घर बनाती है इसीलिए कहा गया क्षमा मांगेंगे, क्षमा करेंगे तो हमेशा सुखी रहेंगे। लोगों को प्रेरणा देंगे.
वर्तमान में जिनसे भी संबंध खराब है, चाहें वो हो बड़ा हो, अबोला हैं, कई सालों से...
आज मन बना कर क्षमा मांग लो.बदला लेने की बजाय बदलाव लाने की दिशा में एक पहल हमारी हो. क्षमा एक व्यक्ति करता है। मुक्त दो लोग होते हैं।
सभी से उत्तम क्षमा भाव ????????????????के साथ