दिव्य महाराष्ट्र मंडल

'समाजसेवा जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी’ सिद्ध किया सुधाकर कोंडापुरकर ने: काले

0- महाराष्ट्र मंडल में शुक्रवार को हुई शोकसभा में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, कई संगठनों, समाजों के प्रतिनिधियों ने व्‍यक्‍त की संवेदनाएं

 
रायपुर। जीते जी समाजसेवा के नाम पर बहुत कुछ देने वाले सुधाकर माधव कोंडापुरकर ने मरने के बाद भी रिम्‍स को देहदान करके यह साबित कर दिया कि समाजसेवा को लेकर उनकी सोच ‘जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी’ वाली है। महाराष्‍ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कोंडापुरकर की शोकसभा में इस आशय के विचार व्‍यक्‍त किए। कोंडापुरकर का निधन 95 वर्ष की आयु में गुरुवार को सुबह हुआ।
 
महाराष्‍ट्र मंडल में सुधाकर कोंडापुरकर की पार्थिव देह के समक्ष हुई शोकसभा में काले ने कहा कि इच्छाशक्ति हो तो सामाजिक कार्य करने की कोई उम्र नहीं होती और व्यक्ति को भी इसमें स्‍वयं की उम्र का पता नहीं चलता। ये बात सुधाकर माधव कोंडापुरकर ने ही सिद्ध की है। ईमानदारी, ज़ुनून, अनुशासन, नियमों के अंतर्गत कार्य करना कोई उनसे सीखे। चाहे पारिवारिक कार्य हो, शासकीय कार्य हो, धार्मिक कार्य हो, सामाजिक कार्य हो, व्यावसायिक सहकारी बैंक के काम हो, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य हो, सेवा भारती के कार्य हो, महाराष्ट्र मंडल के कार्य हो या मातृछाया संस्था के कार्य हो, वरिष्ठजनों की संस्था के कार्य हो, सभी कार्यस्‍थलों पर उनके सिद्धांत व नियम स्‍वमेव लागू हो जाते थे। आप पाएंगे कि कोंडापुरकर की ओर से संस्थाओं के सटीक संचालन में उनके सिद्धांत व नियम के साथ उनका मृदभाषाी व्‍यवहार महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। अजय काले ने कहा कि महाराष्‍ट्र मंडल के कार्यों में हमेशा सुधाकर कोंडापुरकर का मार्गदर्शन मिला।
 
मंडल की सक्रिय पदाधिकारी व भाजपा की प्रदेश प्रवक्‍ता शताब्‍दी सुबोध पांडे ने कहा कि साल 2006 से ही वे सेवा भारती की संस्‍था ‘मातृछाया’ के माध्‍यम से सुधाकर कोंडापुरकर से जुडीं। उन्‍होंने मुझसे कहा था कि आप ‘मातृछाया’ में रोज आया करो, सब यही आपकी ड्यूटी होगी और सेवा कार्य भी, क्‍योंकि यहां बेहतर सुविधाओं के साथ पाले जा रहे दुधमुंहे बच्‍चों को आपके वात्‍सल्‍य की जरूरत है। तब मुझे समझ में आया कि समाजसेवा के कार्यों में भावनाएं भी कितनी महत्‍वपूर्ण होतीं हैं। 
 
शोकसभा में भारत विकास परिषद के प्रांतीय अध्‍यक्ष विनोद अग्रवाल, सेवा भारती के प्रांतीय सचिव वासुदेव पटेल, होमियोपैथी कॉलेज के महेंद्र सिंह, राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक के पूर्व विभाग संचालक भास्‍कर किरकिरे, महाराष्‍ट्र मंडल के पदाधिकारी व कृषि विज्ञानी जेएस उरकुरकुर सहित अनेक गणमान्‍य वक्‍ताओं ने भी सुधाकर कोंडापुरकर के संदर्भ में अपनी संवेदनाएं व्‍यक्‍त कीं। शोकसभा का संचालन समाजसेवी व 'मातृछाया' के वरिष्‍ठ पदाधिकारी अशोक अग्रवाल ने किया। कोंडापुरकर को श्रद्धांजलि देने के लिए पूर्व मंत्री व विधायक राजेश मूणत, पूर्व विधायक विकास उपाध्‍याय, पार्षद आनंद अग्रवाल, दीपक जायसवाल सहित बड़ी संख्‍या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, महाराष्‍ट्र मंडल के पूर्व व वर्तमान पदाधिकारी व सभासद पहुंचे।