दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महाराष्ट्र मंडल में सर्व महिला समाज ने किया मंथन... एकजुटता के साथ सामाजिकता को बढ़ाने का लिया संकल्प

भारतीय संस्कृति की विशेषता है उसकी एकात्म परिवार व्यवस्था। यह शक्तिकेंद्र कैसे सुदृढ रहे इस ओर वर्तमान समय मे कार्य करने की आवश्यकता है, यह विचार व्यक्त किये समाज सेविका, राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय सह कार्यवाहिका चित्रा ताई जोशी ने।

महाराष्ट्र मण्डल द्वारा विभिन्न समाज की महिला प्रमुखों की बैठक आयोजित की गई थी। ऐसे कौन से सामाजिक कार्य हैं जिन्हें संयुक्त रूप से किया जा सकता है, इस विषय पर विचार करने के उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की गयी थी। बैठक को सम्बोधित करते हुए चित्रा ताई ने लिज्जत पापड़ का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि 4 महिलाओं ने चकला बेलन लेकर शुरू किया गया यह कार्य आज 45000 महिलाओं की बड़ी सहकारी संस्था के रूप में संचालित है। देशभर के अलावा विदेशों में भी लिज्जत पापड़ का विक्रय होता है। ऐसा कुछ कार्य किया जा सकता है।
 
 

आर्थिक स्वावलम्बन जितना ज़रूरी है उतना ही ज़रूरी है अपने परिवार को संभाले रखना। इसलिए भी सभी समाज प्रतिनिधियों को कुछ सोचना चाहिए और कोई कार्य आरम्भ करना चाहिए। महाराष्ट्र मण्डल के सचेतक रविन्द्र ठेंगड़ी ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि सभी समाज की प्रमुख महिलाओं से प्राप्त होने वाले सुझावों में से मंथन कर कुछ कार्य सामूहिक रूप से आरम्भ करने चाहिए। 

जिन बस्तियों  का रिहेबलिटेशन नही हुआ है उनमें पहुँच कर अपनी सेवाएं देनी चाहिए। इस अवसर पर नागपुर से आयी चित्रा ताई का महाराष्ट्र मण्डल के अध्यक्ष अजय काले, सचिव चेतन दण्डवते, महिला प्रमुख विशाखा तोपखनेवाले, महिला सह प्रमुख नमिता शेष ने शॉल एवम श्रीफल से स्वागत  किया।
 
 

उपस्थित सदस्यों में युवा संगिनी संस्था की अध्यक्ष डॉ मीनाक्षी बाजपेयी ने अपील की कि प्लास्टिक का विरोध होना चाहिए। उन्होंने बताया कि किस तरह वो मुखरता के साथ प्लास्टिक के प्रयोग का विरोध करती हैं। पुष्टिकर समाज से महिला प्रमुख शेफाली पुरोहित ने कहा कि जगह जगह आर ओ प्लांट लगना चाहिए और प्लास्टिक की जगह कांच की बोतलों का प्रयोग होना चाहिए जो रियूज़ कि जानी चाहिए। 

सोनी समाज की अध्यक्ष धन लक्ष्मी सोनी ने जल संरक्षण पर कार्य करने का सुझाव दिया। महाराष्ट्रीयन कुंभि समाज महिला प्रमुख सारिका गेडेकर ने कहा कि नैतिक शिक्षा पर हमें कुछ कार्य करना चाहिए, विवाह अवसर पर हो रही फूहड़ता का विरोध करना चाहिए। छत्तीसगढ़ महिला मंच की सह सचिव अर्चना वोरा ने कहा कि गोमय उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए प्रयत्न करने चाहिए।

महाराष्ट्रीयन तेली समाज की महिला प्रमुख श्रीमती वीणा कुम्भलकर ने कहा कि उपस्थित सदस्यों द्वारा जो सामाजिक कार्य तय किये जायेंगे उसमे हमारे समाज की ओर से समस्त महिलाएं सहयोग करेंगी। महाराष्ट्रीयन तेली समाज कार्यकारिणी सदस्य हर्षिता लांजेवार ने कहा कि वे सोशल मीडिया एक्सपर्ट के रूप में इस समूह में अपनी सेवाएं देंगी ।

महाराष्ट्र मण्डल परामर्श समिति प्रभारी शताब्दी पांडे ने कहा कि वर्तमान समय का ज्वलंत विषय है भारतीय परिवार व्यवस्था का संरक्षण इस विषय पर हमें कार्ययोजना बनानी चाहिए। महाराष्ट्र मण्डल की सह महिला प्रमुख नमिता शेष ने उपस्थित सभी सदस्यों का स्वागत किया। बैठक में उपस्थित पर्यावरण समिति प्रभारी अभय भागवतकर ने जानकारी दी कि समिति ने अब तक 10 हज़ार पौधारोपण किया है जो सुरक्षित है। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए महाराष्ट्रमण्डल महिला प्रमुख विशाखा तोपखनेवाले ने कहा कि हम सब मिलकर एकसाथ कुछ कार्य करेंगे और समाज मे बदलाव के लिए आगे बढ़ेंगे।