दिव्य महाराष्ट्र मंडल

Best Out of waste… संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने वेस्ट मटेरियल से बनाया वॉल हैंगिंग, गुलदस्ता और बहुत कुछ

रायपुर। घर पर पड़े वेस्ट मटेरियल से कुछ अच्छा बनाने की बात हो तो बच्चों की क्रिएटिविटी देख आप अचंभित रह जाएंगे। फिर स्कूल में अगर अपने सहपाठियों के साथ इसे लेकर काम्पिटिशन हो तो फिर बच्चों के उत्साह का और क्या पूछना है। ऐसे ही उत्साह के साथ बीते शनिवार को संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने अपनी अद्भुत क्रिएटिविटी दिखाई। क्लास वन से लेकर 8वीं तक के बच्चों ने अपने-अपने स्तर पर अपने टैंलेट का खूब प्रदर्शन किया। किसी बच्चे ने शानदार वाल हैंगिग बनाई तो किसी ने खूबसूरत गुलदस्ता बना सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। कुछ बच्चों ने वाटरफाल बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं 9वीं से 12वीं के बच्चों के लिए निबंध लेखन स्पर्धा हुई।

स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि इस शनिवार कक्षी पहलीं से लेकर 8वीं तक के बच्चों के लिए वेस्ट आउट आफ द वेस्ट काम्पिटिशन का आयोजन किया गया। प्राइमरी और मीडिल के बच्चों के लिए अलग-अलग वर्ग में स्पर्धा का आयोजन किया गया।

प्राइमरी के बच्चे किसी से कम नहीं

कक्षा पांचवीं से भावेश बघेल ने अपने हाथों से भगवान जगन्नाथ, लावण्या ने अनाज से वक्रतुंड महाकाय श्लोक को विस्तारित रूप से समझाया। हिमानी ने वॉल हैंगिंग, हंसिका प्रसाद ने वॉटरफॉल, भोज ने कृष्णा, यीशु ने कृष्णा, रुचि साहू, भूपेंद्र वर्मा, लोकेश कोठारी, रौनक व कुछ बच्चों ने छत्तीसगढ़ी महतारी, तोरण, स्वचालित कार, गुलदस्ता, चंद्र अभियान और भी अनेक नई चीजें बनाईं। स्पर्धा में भारती सहगल, वंदना यादव, अनिता सोनी और विनीता सुंदरानी ने बच्चों का मार्गदर्शन किया।

वॉल हैंगिंग और गुलदस्ता सभी को भाया

कक्षा छठवीं से आठवीं के बच्चों  ने वेस्ट से बेस्ट में अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए मनमोहक  वॉल हैंगिंग, गुलदस्ता, चंद्रयान जैसी चीजें बनाई। इस स्पर्धा में शिक्षिका वर्षा गिरीभट्ट, मेघा जैन, वंदना बिसेन, शिखा सूद, सरिता पांडे, श्रद्धा मते, रोशन सिंग राजपूत, प्रतिक्षा ने बच्चों का सहयोग किया।

जी-20पर बच्चों ने लिखे अपने विचार

वहीं 9वीं से 12वीं के बच्चों के लिए जी-20विषय पर निबंध लेखन स्पर्धा का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। बतादें कि G20 दुनिया के 19 देशों और यूरोपियन यूनियन का एक समूह है। इसकी स्थापना वर्ष 1999 में G7 देशों द्वारा किया गया था। इसका गठन दुनिया की मजबूत अर्थ व्यवस्था वाले देशों द्वारा आपसी सहयोग के लिए किया गया था। G20 सदस्य वैश्विक जीडीपी का लगभग 85%, वैश्विक व्यापार का 75% से अधिक और विश्व जनसंख्या का लगभग दो-तिहाई प्रतिनिधित्व करते हैं।