सरल कथन, प्रोटोकाल के साथ सामान्य ज्ञान अच्छे एंकर के होते है सदगुण
2023-07-16 04:06 PM
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रायपुर। किसी कार्यक्रम के मंच का संचालन बेहद महत्वपूर्ण और जवाबदेही का काम होता है। एक अच्छे एंकर को सरल कथन, प्रोटोकाल, सामान्य ज्ञान के साथ दो अलग-अलग विषय के वक्ताओं को लिंक करने की क्षमता होनी चाहिए। यहीं वो गुण है जो एक अच्छे मंच संचालक या यूं कहिए अच्छे एंकर के सदगुण होते है। उक्त बातें आकाशवाणी के उद्घोषक दीपक हटवार ने महाराष्ट्र मंडळ में आयोजित ‘मैं एंकर कैसे बनूं‘ कार्यक्रम के दौरान कहीं।
चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में 16 जुलाई को ‘मैं एंकर कैसे बनूं‘ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता थे आकाशवाणी के उद्घोषक दीपक हटवार। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दीपक हटवार ने उपस्थित श्रोताओं और एंकर बनने के इच्छुक युवाओं को बताया कि एक अच्छे एंकर बनने के लिए छोटी-छोटी बहुत सी बातों का ध्यान रखना होता है।

दीपक ने बताया कि अच्छे एंकर को अपनी एंकरिंग के दौरान सीधे और सरल शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। राजनीतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, किसी सामाजिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री या राज्यपाल का शामिल होना, सरकारी आयोजन सभी में अलग-अलग प्रोटोकाल होते है। अच्छे एंकर को प्रोटोकाल का विशेष ध्यान रखना होता है। इसके लिए एंकरिंग का शेड्यूल पहले से तय होना चाहिए। जैसी ही अतिथि आए उनका गेट से वेलकल करना है। दीप प्रज्ज्वलन के साथ अतिथियों के स्वागत का क्रम। अथितियों के भाषण का क्रम, इस बीच लिंकिंग स्पीच क्या और कैसी हो यह अगर आपके पास लिखित हो तो तय समय सीमा में आप कार्यक्रम का संचालन कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि मंच संचालन के दौरान अतिथियों का बार-बार नाम नहीं लेना चाहिए। इससे आपके समय की बचत होगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर आपके कार्यक्रम के मुख्यअथिति मुख्यमंत्री है और उनके स्वागत के लिए आपको संबंधित संस्था के 10 लोगों को बुलाना है तो आप स्वागत करने वाले पहले व्यक्ति को बुलाने के लिए मुख्य अतिथि का पदनाम, नाम सहित एनाउंस करें। उसके बाद आने वाले सभी लोगों को बुलाने के लिए सिर्फ मुख्य अतिथि बोलें। इसके समय की बचत होने के कारण बार-बार नाम नहीं लेना पड़ता।