श्रावण के साथ पुरुषोत्तम मास... सौभाग्यदायी है यह संयोग... आचार्य देसाई ने बताया, कैसे प्राप्त करें प्रभु की कृपा
2023-07-18 03:12 PM
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सर्वविदित है कि श्रावण मास का प्रारंभ 4 जुलाई से हो चुका है, वहीं महाराष्ट्रीयन समाज का श्रावण मास 17 जुलाई से प्रारंभ हुआ है। श्रावण मास की अपनी अलग ही महिमा है। यह भगवान शंकर का सबसे प्रिय महीना होता है, तो प्रकृति भी आनंदित हो उठती है। इस मास के प्रारंभ के साथ ही जगत का पालन भगवान भोलेनाथ करना शुरु कर देते हैं।
इस बार श्रावण मास पुरुषोत्तम मास के साथ आया है, जिसे श्रावण का अधिकमास कहा जा रहा है, यानी कि श्रावण मास एक माह नहीं, बल्कि पूरे दो माह तक रहेगा। इस विषय पर अधिक जानकारी देते हुए आचार्य मिलिंद देसाई ने बताया कि ऐसा संयोग हर बार नहीं बनता। निश्चित ही हर तीन साल में अधिक मास का योग बनता है, पर श्रावण मास में अधिकमास आए, यह बड़े ही संयोग और सौभाग्य का विषय है।
महाराष्ट्रीय समाज के पंडित आचार्य मिलिंद देसाई ने बताया कि हम कलयुग में जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जहां अधर्म, पाप और हिंसा अपने चरम पर आएगा। ऐसे में भगवान का स्मरण ही एकमात्र सहारा है, जिससे हमारा जीवन मोक्ष की दिशा को प्राप्त कर सकता है।
आचार्य देसाई ने बताया कि श्रावण मास में भगवान शंकर की अराधना का सुअवसर मिलता है, लेकिन इस साल भोलेनाथ के साथ श्रीहरि की उपासना का भी समय साथ आया है, जिसका संपूर्ण लाभ लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि भगवान की भक्ति, उपासना और अराधना त्वरित प्रभाव भले ही ना दिखाए, लेकिन भविष्य में इसका प्रतिफल अच्छा ही मिलेगा।