अंताक्षरी में तीसरी विजेता का जीता खिताब... तो टीम के सदस्यों ने कहा.. एक से भले दो, दो से भले चार
2023-07-24 05:01 PM
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रायपुर। गीत—संगीत इंसान के जीवन में नई तरंगे पैदा करता है। बहुत से ऐसे मौके होते हैं, जब इंसान निराश हो जाता, थककर चुर हो जाता है, उन पलों में यदि कुछ सबसे ज्यादा सुखद होता है, तो वह संगीत है। संगीत का यह गुण है, वह ना चाहते हुए इंसान को थिरकने, गुनगुनाने और तनाव से बाहर आने पर मजबूर कर देता है। फिर जब बात मनोरंजक खेल की हो, तो भला कौन ऐसे मौके को हाथ से जाने देना चाहेगा।
ऐसा ही कुछ महाराष्ट्र मंडल अंताक्षरी प्रतियोगिता की थर्ड फायनलिस्ट टीम के साथ हुआ। एक से भले दो और दो से भले चार की तर्ज पर एसकेडी म्यूजिकल अकादमी की टीम के चारों सदस्याओं देविका देशपांडे, रैना पुराणिक, तोषिका भुजबल और भूमिका गिजरे ने तय किया कि वे एक टीम के तौर पर पार्टिसिपेट करेंगी।
सिर पर जीत का सेहरा भला किसे नहीं अच्छा लगता। हर किसी की कोशिश होती है कि वह शिखर पर पहुंचे और अपनी जीत का परचम लहराए, पर इसके लिए जरुरी है कि प्रयास किया जाए और इसी प्रयास का नतीजा है कि एसकेडी म्यूजिकल अकादमी ने इस बार जीत हासिल की। इस पर टीम की सदस्या रैना पुराणिक का कहना है कि 30 टीमों के बीच खुद को साबित करना सबसे बड़ी चुनौती थी, जिस पर उनकी टीम खरा उतरी और इस मुकाम को हासिल करने में सफल साबित हुए।
रैना पुराणिक ने बताया कि इस प्रतियोगिता की जानकारी पहले दिन से हो गई थी। जिसके बाद चारों ने तय किया कि एक टीम की तरह शामिल होंगे और फिर हमने तैयारियां शुरु कर दी। चारों ने मिलकर तय कर लिया था कि 23 जुलाई को हर लिहाज से यादगार बनाकर ही लौटना है और हमने लक्ष्य हासिल कर लिया।
तैयारियों को लेकर देविका देशपांडे और भूमिका गिजरे, जो आपस में सगी बहनें हैं ने बताया कि गीत—संगीत में हमेशा से उनकी रूचि रही है। ऐसे में पार्टिसिपेट करने के लिए उन्हें दो और ऐसे सदस्यों की जरुरत थी, जिनके बीच आपसी तालमेल बेहतर हो। ऐसे में उन्हें रैना और तोषिका भुजबल का उन्हें सपोर्ट मिला, जिसकी वजह से उन्होंने इस प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन किया।
इस प्रतियोगिता की तैयारियों को लेकर भूमिका ने बताया कि अंताक्षरी में किस तरह के सवालों का सामना करना पड़ता है, इसकी जानकारी उन्हें थी, जिसके आधार पर चारों ने मिलकर हर दिन सीखा। वीडियो देखे, नए—पुराने गीतों के मुखड़ा और अंतरा को ध्यान में रखने का प्रयास किया। गानों के एक्टर और एक्ट्रेस के साथ गीतकार, संगीतकार और सिंगर को लेकर अपडेट रहे, जिसकी वजह से अच्छा मुकाम हासिल कर पाए।
वहीं तोषिका ने कहा कि स्पर्धा एक परीक्षा की घड़ी होती है, ऐसे में सपोर्ट और तालमेल बहुत जरुरी होता है, जो उनकी टीम के सभी सदस्यों में था। साथ ही उन्होंने सन एंड सन ज्वेलर्स और महाराष्ट्र मंडल के इस आयोजन को लेकर कहा कि वास्तव में ऐसे आयोजन की कल्पना भी नहीं थी, जैसा किया गया। उन्होंने इसके लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस आयोजन में उनकी टीम को प्रतिभागी बनने का मौका मिला, इसके लिए उनकी टीम धन्यवाद ज्ञापित करती है।