संत ज्ञानेश्वर स्कूल में हुई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कार्यशाला..... बच्चों में दिखा उत्साह
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ द्वारा संचालित प्रियदर्शिनी नगर स्थित संत ज्ञानेश्वर स्कूल में डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कार्यशाला का आयोजन 24 जुलाई को किया गया। यह कार्यशाला एआई टीम के सदस्यों जय रेवलानी, करुणा जैन, विक्रम द्वारा आयोजित की गई।
स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि एआई टीम द्वारा आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कार्यशाला को लेकर बच्चों का खासा उत्साह देखा गया। हमारे स्कूल की चार लड़कियों को अंतिम दौर के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंटरस्कूल प्रतियोगिता के लिए चुना गया है। जिसमें गार्गी अम्बोरे 6वीं, मुस्कान यादव 6वीं, खुशी सहारे 7वीं और सिमर चौधरी 8वीं शामिल है।
प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि इस कार्यशाला में अनेक बच्चों ने भाग लिया। शाला के शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। कार्यशाला के निर्णायक अखिल खरे थे और संचालन रीता सांभरकर ने किया।
जानिए क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अर्थ है बनावटी (कृत्रिम) तरीके से विकसित की गई बौद्धिक क्षमता। इसके ज़रिये कंप्यूटर सिस्टम या रोबोटिक सिस्टम तैयार किया जाता है, जिसे उन्हीं तर्कों के आधार पर चलाने का प्रयास किया जाता है जिसके आधार पर मानव मस्तिष्क काम करता है। यह इसके बारे में अध्ययन करता है कि मानव मस्तिष्क कैसे सोचता है और समस्या को हल करते समय कैसे सीखता है, कैसे निर्णय लेता है और कैसे काम करता।