दिव्य महाराष्ट्र मंडल

संत ज्ञानेश्वर स्कूल की टीम ने अंताक्षरी में अंत तक बनाए रखा अपना दबदबा

रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ और सन् एडं सन् ज्वेलर्स द्वारा आयोजित अंताक्षरी प्रतियोगिता में संत ज्ञानेश्वर स्कूल की टीम ने स्पर्धा अंत तक अपना दबदबा कायम रखा। भले की विजेता का सेहरा इनके सिर न बांधा हो लेकिन अंताक्षारी को लेकर उनकी तैयारी किसी भी टीम से कम नहीं थी। पहले राउंड में स्कूल की वीर सावरकर टीम ने सबसे अधिक अंक लेकर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली थी। फाइनल राउंड में इनकी टीम चौथे स्थान पर रही। फिर भी इनके उत्साह ने सभी का दिल जीत लिया। 

महाराष्ट्र मंडळ के खेल समिति और आयोजन की प्रभारी गीता दलाल ने बताया कि पहले राउंड में पांच टीमों ने हिस्सा लिया। सभी टीमों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पहले राउंड में एसएनएमएस टीम ने 550, राधा कृष्ण ने 500, रानी लक्ष्मीबाई टीम ने 750 और संगीत दिवाने टीम ने 200 अंक हासिल किए। वहीं 800 अंक हासिल कर संत ज्ञानेश्वर स्कूल की वीर सावरकर टीम इस राउंड की विजेता रहीं। इस टीम में स्कूल की शिक्षिका सरिता पांडे, शिखा सूद, श्वेता चौधरी, विनिता सुंदरानी ने अपनी उत्साह के साथ भाग लिया। शिक्षिका श्वेता ने बताया कि विजुवल राउंड में उन्हें काफी मजा आजा। पल-पल दिल के पास गाने को उन्हों से सबसे पहले पहचाना और उन्हें इसके पूरे नंबर भी मिले।

संत ज्ञानेश्वर स्कूल की दूसरी टीम थी क्षत्रपति शिवाजी। इस टीम ने भी पूरे राउंड में काफी उत्साह के साथ खेला। इस टीम में शिक्षिका चित्रा जावळेकर, आराधना लाल, सुनिधि रोकड़े, श्रद्धा मते शामिल थी। इन्होंने तीसरे राउंड 650 अंक हासिल किए। चलती का नाम गाड़ी फिल्म का विजुअल पल झपकते ही पहचाने के बाद एक लकड़ी भीगा भागी सी गाना  गाकर टीम ने दर्शकदीर्घा से खूब तालियां बटोरीं। तालियों की गड़गड़ाट ने इस टीम को हराकर भी जीता दिया। और उस पल को सभी ने अपने मन में मानों कैद कर लिया।