विष्णु सहस्त्रनाम पाठ के लिए नियमित अभ्यास जारी... सुधर रही अशुद्धियां... संस्कृत के कठिन शब्दों को सरल बनाने प्रयास
2023-08-10 01:39 PM
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रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में अधिकमास के एकादशी के अवसर पर विष्णु सहस्त्रनाम पाठ का आयोजन किया गया है। 12 अगस्त को अधिकमास के कृष्णपक्ष की एकादशी को परमा एकादशी भी कहा जाता है। वैसे तो सालभर की सभी एकादशी का अपना विशेष महत्व होता है, लेकिन अधिकमास की एकादशी को विशेष माना जाता है। इस अवसर पर भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और विष्णु सहस्त्रनाम पाठ का खास महत्व है।
महाराष्ट्र मंडल आध्यात्म समिति की प्रमुख आस्था काले ने इस विषय पर बताया कि ऐसे अवसर संयोगवश ही मिलते हैं, इसलिए 12 अगस्त को मंडल में एकादशी के मौके पर 'विष्णु सहस्त्रनाम' पाठ का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस विशेष पूजन के लिए इच्छुक लोगों को आमंत्रित किया गया है, जो जोड़े में बैठेंगे।
उन्होंने बताया कि विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ आसान नहीं है। पूर्ण शुद्धता के साथ इसका पाठ करना काफी कठिन कार्य है, इसलिए प्रतिदिन सभी सहभागियों को विष्णु सहस्त्रनाम के पाठ का अभ्यास ऑनलाइन माध्यम से कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पाठ में अधिकांश शब्द बेहद कठिन हैं। चूंकि पूरा पाठ संस्कृत में है, इस वजह से शब्दों की जटिलता को आसानी से नहीं समझा जा सकता। इस बात का ध्यान रखते हुए सभी सहभागियों को नियमित अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि 12 अगस्त को जब वेदी के समक्ष पाठ करने बैठे, तो किसी से भी किसी प्रकार की गलती ना हो और श्लोक पढ़ने के दौरान अशुद्धियों की गुंजाइश ना रह जाए।
आस्था ने बताया कि 12 अगस्त को सुबह पूजन, विष्णु अभिषेक और फिर 'विष्णु सहस्त्रनाम' का 11 बार पाठ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे तक 'विष्णु सहस्त्रनाम' पाठ चलेगा। इस दिन पूजा में बैठने वाले जोड़े को व्रत धारण करना पड़ेगा। पूजन उपरांत फलाहार की व्यवस्था की गई है।
आस्था ने बताया कि 'विष्णु सहस्त्रनाम' उच्चारण की अशुद्धियों को दूर करने के लिए प्रतिदिन ऑनलाइन माध्यम से पाठ का अभ्यास जारी है। ताकि एकादशी के दिन जब विधिवत पूजन और पाठ करने के लिए जोड़ा बैठे, तो किसी तरह की दिक्कत का सामना ना करना पड़े।