रायपुर। आयकर की पुरानी व्यवस्था के तहत Income Tax बचाने के लिए सरकार ने कई उपाय दिए हैं, जिसमें घर का किराया भी एक बेहतर विकल्प होता है। इसके लिए आपको फरवरी या मार्च में हाउस रेंट रिसीट जमा करनी होती है। अधिकांश मामलों में देखा गया है कि लोग इसमें मकान मालिक से रिसीट लेने की बजाए खुद ही फर्जी रिसीट तैयार कर अपनी कंपनी में जमा कर देते हैं। लेकिन आपकी यह चालाकी आपको मुसीबत में डाल सकती है। विशेष रूप से यह फर्जीवाड़ा नौकरीपेशा लोगों को बहुत ही भारी पड़ सकता है।
राजधानी के सीए विकास जैन ने बताया कि आयकर विभाग इस प्रकार के फर्जीवाड़े पर नजर रखने के लिए एक खास सॉफ्टवेयर की मदद ले रहा है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से करदाताओं द्वारा जमा किए गए फर्जी डॉक्यूमेंट्स को पकड़ना आसान हो गया है।
आयकर विभाग फर्जी डॉक्यूमेंट पर काफी सख्ती बरत रहा है। इसके लिए विभाग नोटिस भी भेजने की तैयारी में है। आयकर विभाग की जिन फर्जी डॉक्यूमेंट पर नजर है उसमें हाउस रेंट रिसीट, ऑफिशियल ड्यूटी करने के लिए हेल्पर हायर करने और होम लोन पर चुकाए गए ब्याज की रिसीट शामिल हैं। ये नोटिस एसेसमेंट ईयर 2022-23 से संबंधित हैं और ये नोटिस आईटी कानून की धारा 133(6) के तहत जारी किए गए हैं। यह कानून टैक्स एसेसिंग ऑफिसर को किसी खास अवधि के दौरान किए गए ट्रांजैक्शन्स के कुछ डिटेल्स की जानकारी मांगने का अधिकार देता है।