महाराष्ट्र मंडल दुर्ग के गिरिश बने अध्यक्ष, सचिन सचिव.... गीत-संगीत के बीच वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान
दुर्ग। महाराष्ट्र मंडल दुर्ग में सुमधुर गीत संगीत के बीच 2023- 25 की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें मनोनीत सदस्यों के नामों और उनके पदों की घोषणा की गई। साथ ही निवृत्तमान अध्यक्ष डा. अजय गोवर्धन ने निर्विरोध निर्वाचित नए अध्यक्ष गिरीश पालेकर को महाराष्ट्र मंडल की चाबी सौंपी और पुष्प गुच्छ ने उनका अभिनंदन किया। सभी निर्विरोध निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई।

विशेष अतिथि महाराष्ट्र मंडल रायपुर के अध्यक्ष अजय काले ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया एवं उपस्थित सदस्यों को भी महाराष्ट्र मंडल के प्रति उनके कर्तव्यों का अहसास कराया। काले ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल रायपुर का नौ करोड़ रुपये की लागत से बना नया सर्वसुविधायुक्त भवन इस बात का प्रमाण है कि जब आप मंडल को मेरा महाराष्ट्र मंडल समझने व व्यवहार करने लगते हैं, तभी इतना बड़ा लक्ष्य हासिल होता है। उन्होंने पदाधिकारियों और सदस्यों से आग्रह किया कि यहां कार्यक्रम हो या न हो, वे नियमित रुप से मंडल आएं और भावी योजनाओं को लेकर सक्रिय रहें। अधिक से अधिक मराठी भाषियों को मंडल से जोड़ने के प्रयास सतत जारी रहने चाहिए।

इससे पहले चुनाव अधिकारी प्रमोद बेंडे ने अध्यक्ष गिरीश पालेकर, सचिव सचिन साठे एवं अंकुल वाशेकर के निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा की और उन्हें शपथ दिलाई। इस अवसर पर 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ सदस्यों शरद बापट, एसके हुद्दार, श्रीकांत बोरटकर, केजे भूगांवकर, वीए पागे, अशोक भूपे, दत्तोपंत देशपांडे, एसके भरणे, शरद भाखरे, विलास गाडगे का शाल- श्रीफल के साथ सम्मान किया गया।

इस बीच 'मिले सुर मेरा तुम्हारा' के गायकों सुधीर पाटणकर, अजय कलसकर, सुधीर जावलकर, राम पाटणकर, हेमंत सगदेव, डा. नितिन वैद्य, सचिन साठे, श्रीकांत सहस्त्रबुद्दे, नेहा दुच्चके, डा. विद्या वैद्य ने 'चंदन सा बदन, चंचल चितवन', 'कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना', 'मेरे नयना सावन भादो, फिर भी मेरा मन प्यासा', छूकर मेरे मन को, किया तूने क्या इशारा' जैसे सुमधुर फिल्मी गीतों से श्रोताओं का मनोरंजन किया। कार्यक्रम का संचालन भाग्यश्री नातु ने किया। रात्रि भोज और दुग्धपान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।