स्वदेशी मेले में हुई शिशु वेशभूषा प्रतियोगिता... महराष्ट्र मंडळ ने निभाई सहभागिता
रायपुर। साइंस कालेज मैदान में चल रहे स्वदेशी मेले में रविवार को बच्चों के लिए वेशभूषा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें 35 बच्चों ने भाग लिया। स्पर्धा में महाराष्ट्र मंडळ के सदस्यों के बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में पहुंच दर्शकदीर्घा का दिल जीत किया।
स्पर्धा में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र मंडळ की ओर से रानी लक्ष्मीबाई, सोशल मीडिया, चंद्रयान और किसान बनकर पहुंचे थे। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पार्थ शेष ने प्राप्त किया जो सनातन धर्मी बना थी। द्वितीय स्थान स्वामी विवेकानंद बने अनिरुद्ध चाफेकर ने प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर जिजामाता बनीं शार्वी गनोदवाले रही। स्पर्धा में निर्णायक के रुप में प्रगति कॉलेज की प्रोफेसर गुंजन शर्मा और वंडर किसड्स की प्रिसिंपल पल्लवी मिश्रा उपस्थित थीं।
मेले में युद्ध कौशल गतका के हैरतअंगेज निपुणता से पल में दुश्मन को मात देने की प्रतिभा प्रदर्शन ने दर्शक को अंचभित कर दिया और वे सांसे रोककर कलाकारों की प्रस्तुति को निहारते रहे। वहीं बस्तर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले मल्लखंभ के कलाकारों ने अपने करतबों ने दर्शकों को हतप्रभ कर दिया।
स्वदेशी मेला में प्रतिदिन जहां विभिन्न स्टालों के जरिए देश भर के बेहतरीन उत्पादों को देखने उसे खरीदने के लिए लोग एकजुट हो रहे हैं वहीं विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिए सैकड़ों प्रतिभागी बच्चों से लेकर युवा, महिलाएं तक अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मशक्कत कर उसे गरिमामयी मंच के माध्यम से पेशकर वाहवाही अर्जित कर रहे हैं।