महाराष्ट्र मंडळ की अमलीडीह और सिविल लाइन केंद्र ने मनाया बसंत उत्सव
2024-02-15 12:59 PM
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रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ की अमलीडीह और सिविल लाइन महिला केंद्र द्वारा संत ज्ञानेश्वर स्कूल प्रांगण में बसंत उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना और देवी का जोगवा के साथ किया गया। जिसकी प्रस्तुति बूढ़ापारा केंद्र की प्रणिता नलगुंडवार ने दी। प्रणिता और उनके साथियों ने देवी का जोगवा की बहुत सुंदर प्रस्तति दी। जिसके बाद महिलाओं ने बसंत पंचमी पर अपने विचार व्यक्त किए। सिविल लाइन केंद्र की युक्ता पटवर्धन अप्सला आली आली प्रस्तुत किया।
सौ चारू शीला देव ने नई पीढ़ी और दादी-नानी की भूमिका पर बहुंत सुंदर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आज एकल परिवार के कारण बच्चों को दादी-नानी से मिलने वाले संस्कार कहीं न कहीं पहले की अपेक्षा कम हो गए है। हमें जो संस्कार हमारे पूर्वजों ने दिया उसे आने वाली पीढ़ी को सौंपना हमारा दायित्व है। जिसे हमें मिलकर पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि मां सरस्वती ने हमें बुद्धि और विवेक दिया है लेकिन उसका कैसे उपयोग करें यह मनुष्य के संस्कारों पर निर्भर करता है।
महाराष्ट्र मंडळ की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने धरती पर मां सरस्वती की उत्पत्ति का उल्लेख करते हुए बसंत पंचमी की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि आज के ही दिन मां सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी।
कार्यक्रम में पहुंचे मंडळ के वरिष्ठ आजीवन सभासद प्रसन्न निमोणकर ने युवा पीढ़ी और बच्चों के लिए बहुत सुंदर संदेश देते हुए कहा कि बच्चों को एक दिन का मोबाइल उपवास करना चाहिए। और उस उपवास के लिए बच्चें अपना समय अपने परिजनों, दादा-दादी, नाना-नानी के साथ बिताएं। कार्यक्रम में पहुंचे महाराष्ट्र मंडळ के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन और कुमुद लाड ने अपने विचार को सारगर्भित ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम अपर्णा काळेले, कुमुद लाड, आस्था काले, गीता दलाल, रश्मि गोवर्धन, अपर्णा देशमुख सहित बड़ी संख्या में अमलीडीह और सिविल लाइन महिला केंद्र की सदस्या उपस्थित थीं। कार्यक्रम का संचालन अलका बापट ने किया और आभार प्रदर्शन मंगला मिश्रेकर ने किया।