दिव्य महाराष्ट्र मंडल

संत ज्ञानेश्वर स्कूल में रंगारंग कार्यक्रम में 12वीं के बच्चों की विदाई...

रायपुर। काबिल बनने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी। काबिल बनेंगे तो ही सफलता आपके पीछे भागेगी। संत ज्ञानेश्वर स्कूल के भूतपूर्व मेरीटोरियस स्टूडेंट और एग्रीकल्चर कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सौरभ पदमशाली ने 12वीं के छात्रों को इस आशय की सलाह दी। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल में शनिवार को 12वीं के बच्चों के विदाई समारोह पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। 
डॉ. पदमशाली ने कहा कि आपको पता होना चाहिए कि आपको क्या चाहिए। यदि इसे लेकर आपके मन में भ्रम है, तो फिर इस बात पर गौर कीजिए कि आपको क्या पसंद नहीं है। जवाब मिलने पर आपको क्या पसंद है, अपने आप पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी फैकल्टी में अपार संभावनाएं हैं। किसी भी फैकल्टी को कम न समझें। एग्रीकल्चर के क्षेत्र में भी भरपूर गुंजाइश हैं। याद रहे, दिन में हम जो तीन बार भोजन करते हैं, वह भी एग्रीकल्चर सेक्टर से ही आता है। 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र नाट्य मंडल के सचिव प्रसन्न निमोणकर ने कहा कि आपको अच्छे नंबर लाना है, मेरिट में आना है तो पढ़ना पड़ेगा। बिना पढ़ाई के कुछ नहीं हो सकता। जिंदगी में संघर्ष हमेशा चलता रहेगा। इसी संघर्ष की वजह से आपको सफलता मिलते चली जाएगी। निमोणकर ने कहा कि सफलता के लिए क्या करें और क्या ना करें, यह स्पष्ट पता होना चाहिए। उन्होंने अंग्रेजी में सक्सेस के स्वर व्यंजन की विस्तृत व्याख्या की। कई चटपटेदार किस्से सुनाते हुए निमोणकर ने कहा कि सफलता सामूहिक प्रयास का परिणाम है। सफल होने पर समूह के सदस्यों को धन्यवाद अवश्य देना चाहिए। समूह की क्षमता का पता लगाना, परिणाम मूलक संप्रेषण करना, वचनबद्ध रहना, समस्या का आकलन कर समाधान तक पहुंचाना, निरंतरता बनाए रखना और त्याग के लिए तत्पर होना सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक है। 
प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने अध्यक्षीय भाषण दिया। उप प्राचार्य राहुल वोडितेलवार, मेरीटोरियस स्टूडेंट्स कुंदन बियाणी और मुस्कान सिंह ने भी संक्षिप्त संबोधन से बच्चों को मोटिवेट किया। सांस्कृतिक समारोह की शुरुआत निशिता रोकड़े की स्वरचित कविता से हुई। अमन पांडे ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में प्राइमरी कक्षाओं से लेकर 12वीं तक के शैक्षणिक सफर को रोचक अंदाज में पेश किया। तत्पश्चात एक से बढ़कर एक समूह नृत्यों से कार्यक्रम अंधेरा घिरने तक चलता रहा। कार्यक्रम का संचालन तृप्ति अग्निहोत्री ने और आभार प्रदर्शन आराधना लाल ने किया। इस मौके पर मंडल उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन, शाला के सह प्रभारी परितोष डोनगांवकर, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी विशेष रूप से उपस्थित रहे।