दिव्य महाराष्ट्र मंडल

बिखरते परिवार को जोड़ने में जुटीं महाराष्ट्र मंडल की परामर्शदाता समिति

- दो मामलों में विवाह को बनाए रखने के लिए की जा रही कोशिश

रायपुर। सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए महाराष्ट्र मंडल की परामर्शदाता समिति बिखरते परिवार को जोड़ने में जुटी हुई है। समिति के समक्ष रविवार को सुबह दो परिवारों के मामले आए। जिन्हें सुनने के बाद फरियादियों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया और उस परिवार के दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास किया गया।
 
इस अवसर पर परामर्शदाता व स्वावलंबन समिति की समन्वक शताब्दी पांडे, डा. मंजरी बक्षी, मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन व अधिवक्ता मनीषा भंडारकर प्रमुख रूप से उपस्थित थे। शताब्दी पांडे ने बताया कि आज की काउंसिलिंग में प्रस्तुत दोनों मामलों में दोनों पक्षों को बुलवाया गया था। लेकिन दोनों ही मामलों में एक पक्ष सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुआ। एक पक्ष को सुना गया है। दूसरे पक्ष को अगली सुनवाई के लिए बुलवाया गया है। 
 
11 साल पहले शादी अब अलगाव की स्थिति
सुनवाई के लिए आए एक मामले में महिला प्रार्थी की 11 साल पहले हिंदू रीति रिवाज से शादी हुई। महिला का पति सरकारी नौकरी (सेंट्रल) में कार्यरत है। शादी के कुछ सालों तक सब कुछ ठीक था, लेकिन कुछ समय बाद छोटी-छोटी बातों में दोनों के बीच अनबन होने लगी। अब महिला के पति ने उसे घर से निकाल दिया है। 11 वर्ष और 7 वर्ष के दो बच्चों के साथ महिला प्रार्थी अकेली रायपुर में निवासरत है। महिला के पति ने तलाक के लिए कोर्ट में आवेदन कर दिया है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। 
 
दूसरे समाज के लड़के से की शादी
सुनवाई के लिए आए दूसरे मामले में महिला प्रार्थी ने वर्ष 2018 में दूसरे समाज के लड़के से लव मैरिज की। शादी के बाद कुछ दिनों तक सब ठीक था। बाद में छोटी- छोटी बात को लेकर महिला प्रार्थी को उसके समाज का ताना देकर प्रताड़ित किया जाने लगा। जिसके बाद महिला अपने माता-पिता के घर में रहती है। समाजजनों के समझाने पर दोनों कुछ दिन साथ रहते हैं। फिर दोनों के बीच कहा सुनी हो जाती है।