महाराष्ट्र मंडल के गणेशोत्सव में मचेगी नाटकों की धूम
2024-08-21 11:02 PM
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0- हिंदी के अलावा मराठी और छत्तीसगढ़ी नाटकों का लुत्फ़ ले सकेंगे नाट्यप्रेमी दर्शक
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में 10 दिवसीय गणेशोत्सव में पहली बार नाटकों की धूम मचेगी। 90 साल के इतिहास में पहली बार गणेशोत्सव के तीन दिन सिर्फ नाटकों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। पहली बार गणेशत्सव में नगर स्तरीय शालेय, समाज- संस्था स्तरीय बाल नाट्य स्पर्धा भी होगी। इस बार नाट्यप्रेमी दर्शक मराठी नाटक के अलावा हिंदी और छत्तीसगढ़ी नाटकों का भी भरपूर लुत्फ़ ले सकेंगे।
महाराष्ट्र नाट्य मंडल के सचिव प्रसन्न विजय निमोणकर ने बताया कि नाट्य मंडल के माध्यम से प्रा. अनिल सोनार लिखित मराठी एकांकिका 'भानगड़ पहावी लपवून' (लफड़ा छुपाकर दिखाओ) का मंचन 16 सितंबर को शाम 7:00 बजे महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में किया जाएगा। मंडल भवन में ही आठ पात्रों वाले इस मराठी नाटक में प्रा. अनिल श्रीराम कालेले के मार्गदर्शन में निमोणकर के अलावा भगीरथ कालेले, प्रिया बक्शी, अस्मिता कुसरे, गौरी क्षीरसागर, कुंतल कालेले, कीर्ति हिशीकर और रविंद्र ठेंगड़ी का अभिनय देखने को मिलेगा।
14 सितंबर को शाम सात बजे रंगभूमि मंच की ओर से हिंदी नाटक 'धर्म' और छत्तीसगढ़ी नाटक 'अगोरा' का मंचन किया जाएगा। इन दोनों ही नाटकों के निर्देशक रंजन मोडक हैं। इससे पहले आठ सितंबर, रविवार को दोपहर 12:00 बजे से शालेय, समाज और संस्था स्तरीय बाल नाट्य स्पर्धा होगी। 30- 30 मिनट के नाटकों की इस प्रतियोगिता में राजधानी के जानी- मानी शालाओं के प्रतिभाशाली रंगमंचीय कलाकार अपने अभिनय का जलवा बिखेरेंगे। इनके अलावा अनेक समाजों और संस्थाओं के भी बच्चों को मंच पर बेहतरीन नाटकों में अभिनय करने का अवसर मिलेगा।
'धर्म' और 'अघोरा' के निर्देशक रंजन मोडक ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल के मुक्ताकाश मंच पर उनके दोनों नाटकों का रिहर्सल पखवाड़े भर से जारी है। लगभग आधे- आधे घंटे के दोनों ही नाटकों में कॉमेडी का शानदार तड़का है।