दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महाराष्ट्र मंडल ने की गणेशोत्सव पंडाल पर बाल गंगाधर तिलक की तस्वीर लगाने की अपील

रायपुर। पखवाड़ेभर बाद से देशभर में गणेशोत्सव की धूम शुरु हो जाएगी। हर साल प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता श्रीगणेश की विभिन्न आकृतियां राजधानी रायपुर के पंडालों सहित प्रदेश और देशभर में स्थापित किए जाने की सालों पुरानी परंपरा है, जिसका निर्वहन पूरी शिद्दत के साथ किया जा रहा है। इस बार गणेशोत्सव के इस पावन पर्व पर प्रतिष्ठित सामाजिक, सांस्कृति एवं शैक्षणिक संस्था महाराष्ट्र मंडल ने सभी गणेशोत्सव पंडालों में देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और अमर बलिदानी बालगंगाधर तिलक की तस्वीणर भी स्थापित करने की बड़ी अपील की है। 

महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने कहा है कि 7 सितंबर से शुरु हो रहे गणेशोत्सव को लेकर सभी समितियां व्यापक स्तर पर तैयारी में जुटे होंगे, इसकी उन्हें पूरी उम्मीद है, तो उन्होंने सभी समितियों से आग्रहपूर्वक अपील की है कि अपने पंडाल में बालगंगाधर तिलक की एक तस्वी र ऐसी लगाएं, जिसे सभी भक्त और श्रद्धालु आसानी से देख सकें। इसके साथ ही उन्होंने गणपति की प्रतिमा मिट्टी की स्थापित किए जाने की अपील करते हुए कहा है कि अनंत चतुर्दशी को उनका विसर्जन पानी की टंकियों में करें और उस मिट्टी को गमले या क्यारियों में डाल दें। 

क्या है इस अपील की वजह
जब भारत अंग्रेजी हुकुमत के अधीन था, उस समय समाज और देश को संगठित करने के उद्देश्य से सबसे पहले बालगंगाधर तिलक ने ही गणेशोत्सव मनाने का संकल्प लिया और अपने इस प्रयास से उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के लिए सभी समाज को संगठित और सक्रिय करने का प्रयास किया। जिसका सुखद परिणाम सामने आया। वर्तमान समय में समाज के बीच की संगठनात्मक संरचना में सुधार लाने के लिए बालगंगाधर तिलक के उस महान संकल्प को दोहराने की आवश्यकता है, जिसकी वजह से महाराष्ट्र मंडल ने यह बड़ी अपील की है।