दिव्य महाराष्ट्र मंडल

‘चंदन सा बदन....’ सुनकर याद आ गए मुकेश.. महाराष्ट्र मंडल में गणेशोत्सव के दूसरे दिन सजी कराओके पर गीतों भरी शाम

 

रायपुर। चंदन सा बदन.. चंचल चितवन... की जबर्दस्त प्रस्तुति से संगीत प्रेमी दर्शकों ने हेमंत मार्डीकर में मुकेश की छवि देखी। बहुत से ऐसे गीत सुनने को मिले कि विश्वास ही नहीं हो रहा था कि मंच पर माइक थामे कोई भी कलाकार प्रोफेशनल सिंगर नहीं है। बात हो रही है महाराष्ट्र मंडल द्वारा आयोजित शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति श्री गणेशोत्सव 2024 के दूसरे दिन के कराओके संगीत कार्यक्रम की।

मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में प्रतिभागियों ने गणेश स्तुति के साथ तकरीबन 25 नये पुराने गानों की शानदार प्रस्तुति दी। इन गानों में छत्तीसगढ़ी से लेकर पंजाबी गाने तक शामिल रहे। उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत अक्षदा मातुरकर ने एकदंताय वक्रतुंडाय…’ के साथ की। वहीं सुरेखा पाटिल ने गजानन श्री गणराजा…’ प्रस्तुत किया। अभिषेक बक्षी ने नई फिल्म एयर लिफ्ट का भावनात्मक गीत तेनु इतना मैं प्यार करूं…’ की सुमधुर प्रस्तुति से लोगों का ध्यान खींचा। अंजलि कान्हे, दीपा वैद्य, वैशाली जोशी, आशीष जोशी, रुपा आठले, सुधीर लेकुरवाले, प्रगति ओगले, सुरेश पालकर, स्वाति जोशी, पंकज गुप्ता, धनश्री पेंडसे, श्रीकांत कोरान्ने, सुमीता रायजदा ने गीतों की प्रस्तुति दी। संगीत भरे मदमस्त वातावरण में कार्यक्रम के एंकर प्रसन्न निमोणकर और सहसचिव सुकृत गनोदवाले भी अपने आप को गाना गाने से नहीं रोक पाए। महाराष्ट्र नाट्य मंडल की वरिष्ठ रंगकर्मी अपर्णा काळेले ने मुख्य अतिथि के रुप में दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। लगभग तीन घंटे चले कार्यक्रम के अंत में अक्षदा मातुलकर ने सत्यम शिवम सुंदरम की शानदार प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम के आयोजन में कला एवं संस्कृति समिति की भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, सहित उनके सहयोगियों ने कार्यक्रम की रुपरेखा सुनिश्चित की। समन्वयन की जिम्मेदारी को संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर व प्रसन्न निमोणकर ने बखूबी पूरा किया।